चीन की आबादी में एक बच्चा नीति समाप्त होने के एक दशक बाद फिर आयी कमी

चीन की आबादी में एक बच्चा नीति समाप्त होने के एक दशक बाद फिर आयी कमी

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 03:20 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 03:20 PM IST

बैंकॉक, 19 जनवरी (एपी) पीढ़ियों तक एक बच्चा नीति के जरिये आबादी को सीमित रखने के बाद अब चीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह उत्पन्न हो गयी है कि दंपतियों को अधिक बच्चे पैदा करने के लिए कैसे राजी किया जाए।

चीन की लंबे समय तक चली एक-बच्चा नीति समाप्त हुए एक दशक हो चुका है, लेकिन इसके बाद भी जन्म दर बढ़ाने की सरकारी कोशिशें अब तक सफल नहीं हो पाई हैं।

सोमवार को जारी जनसंख्या के ताजा आंकड़े यही संकेत देते हैं। कभी दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश रहा चीन अब दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश है, लेकिन उसकी कुल जनसंख्या लगातार घट रही है।

सरकारी आंकड़े के मुताबिक 2025 में चीन की कुल जनसंख्या 1.404 अरब रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 30 लाख कम है। यह लगातार चौथा साल है जब देश की आबादी में गिरावट दर्ज की गई है।

आंकड़े के अनुसार, 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या सिर्फ 79.2 लाख रही, जो एक साल पहले की तुलना में 16.2 लाख यानी 17 प्रतिशत कम है। 2024 में जन्म दर में जो मामूली बढ़ोतरी दिखी थी, वह स्थायी साबित नहीं हुई। 2017 से 2023 तक लगातार सात वर्षों तक जन्म दर में गिरावट दर्ज की गई थी।

अधिकांश परिवारों का कहना है कि अत्यधिक प्रतिस्पर्धी समाज में बच्चे की परवरिश की लागत और उससे जुड़ा दबाव बहुत बड़ा अवरोध है। आर्थिक मंदी के दौर में जब घरों के लिए रोजमर्रा का खर्च उठाना भी कठिन हो गया है तो यह बोझ और भारी लगने लगा है।

एशिया के कई अन्य देशों की तरह चीन भी गिरती प्रजनन दर की समस्या से जूझ रहा है। सरकार प्रजनन दर के आंकड़े नियमित रूप से जारी नहीं करती, लेकिन 2020 में यह 1.3 बताई गई थी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अब यह लगभग 1 तक आ गई है, जो चीन की आबादी को स्थिर रखने के लिए जरूरी 2.1 से काफी कम है।

दशकों तक एक से अधिक बच्चे पैदा करने पर रोक लगाने के बाद सरकार ने 2015 में दो बच्चों की अनुमति दी और 2021 में इसे बढ़ाकर तीन कर दिया। जन्म दर बढ़ाने के लिए सरकार ने नकद सब्सिडी जैसी योजनाएं भी शुरू कीं। जुलाई में प्रति बच्चे करीब 3,600 यूआन (500 डॉलर) की सहायता की घोषणा की गई।

इसके साथ ही व्यवहार में बदलाव लाने के लिए सरकार ने कंडोम पर कर भी लगा दिया है। 2025 में गर्भनिरोधकों को कर-मुक्त सूची से हटाकर उन पर 13 प्रतिशत वैट लगाया गया, जो एक जनवरी से लागू हुआ।

चीन 2023 तक दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश था, लेकिन तब उसे उसके पड़ोसी देश भारत ने पीछे छोड़ दिया।

एपी मनीषा गोला अमित

अमित