पीओके में चुनाव के बीच सुरक्षा बलों, जेएएसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; तनाव बरकरार

पीओके में चुनाव के बीच सुरक्षा बलों, जेएएसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; तनाव बरकरार

पीओके में चुनाव के बीच सुरक्षा बलों, जेएएसी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प; तनाव बरकरार
Modified Date: July 30, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: July 30, 2026 6:25 pm IST

इस्लामाबाद, 30 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के रावलकोट क्षेत्र में सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित ‘जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी’ (जेएएसी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें जारी रहने के कारण बृहस्पतिवार को तनाव की स्थिति बनी रही।

इस सप्ताह कई लोगों की जान ले चुकी ये झड़पें ऐसे समय हो रही हैं, जब पीओके में क्षेत्रीय चुनाव जारी हैं। जेएएसी से जुड़े प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद पर अपनी मांगें मानने का दबाव बनाने के लिए मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने पर अड़े हुए हैं।

जेएएसी विभिन्न कार्यकर्ता संगठनों का एक समूह है, जो पिछले लगभग दो महीने से पीओके की तथाकथित विधानसभा की 12 विवादित सीटों को लेकर प्रदर्शन कर रहा है। संगठन का आरोप है कि सैन्य प्रतिष्ठान इन सीटों का इस्तेमाल अपनी पसंद के व्यक्ति को (पीओके का) प्रधानमंत्री बनवाने के लिए करता है।

भारत ने इन चुनावों को पीओके पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर पर्दा डालने और क्षेत्र में मानवाधिकारों के ‘‘गंभीर’’ उल्लंघनों को छिपाने का प्रयास बताया है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को नयी दिल्ली में कहा था, ‘‘इस मुद्दे पर भारत का रुख स्पष्ट, एक जैसा और सर्वविदित है। पूरा जम्मू कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश, जिनमें पाकिस्तान के अवैध और जबरन कब्जे वाले क्षेत्र भी शामिल हैं, भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं।’’

उन्होंने कहा था, ‘‘जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी व्यापक विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा आर्थिक शोषण, लोगों को मौलिक अधिकारों से वंचित करने और प्रशासनिक दमन का प्रत्यक्ष परिणाम हैं।’’

पीओके में सोमवार से सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें तेज हो गईं। रावलकोट और मीरपुर में सबसे अधिक हिंसा हुई, जहां से सबसे ज्यादा लोगों के हताहत होने की खबर है।

जेएएसी के अनुसार, झड़पों में अब तक कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है।

संगठन ने एक बयान में कहा, ‘‘घायलों की संख्या अभी ज्ञात नहीं है। भारी गोलीबारी के बीच भी हमारे लोग शांतपूर्ण तरीके से, और निहत्थे होते हुए भी डटे हुए हैं। दमन और अन्याय के खिलाफ हमारा शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रहेगा।’’

हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने झड़पों में किसी भी नागरिक की मौत से इनकार किया है। उसका कहना है कि प्रदर्शनकारियों के बीच प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान के आतंकी मौजूद हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।

पाकिस्तान के गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने कहा, ‘‘हम प्रदर्शनकारियों से बातचीत नहीं करेंगे और कानून अपना काम करेगा।’’

इस बीच, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ‘एमनेस्टी इंटरनेशनल’ और पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने क्षेत्र में हिंसा की खबरों पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों से घटनाओं की जांच का आग्रह किया है।

भाषा सुभाष प्रशांत

प्रशांत


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