(गुरदीप सिंह)
सिंगापुर,चार जून (भाषा) सिंगापुर में भारत के राजदूत पी कुमारन ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से हुए नुकसान की भरपाई के लिए देशों को आपस में सहयोग करना चाहिए और एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए।
उन्होंने वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए भारत को चिकित्सकीय साजो-सामान की आपूर्ति करने और आर्थिक अनुदान देने के लिए सिंगापुर की सरकार,जनता और कॉरपोरेट क्षेत्र का आभार भी व्यक्त किया।
भारतीय उच्चायुक्त पी कुमारन ने सिंगापुर को व्यापार और साजो-सामान का केन्द्र बताया और कहा कि इसी कारण से वह क्रायोजनिक ऑक्सीजन टैंक, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन सांद्रक और बाइपैप मशीन और वेंटिलेटर जैसे जरूरी उपकरण मुहैया करा सका।
कुमारन ने कहा ,‘‘ हम सिंगापुर की सरकार, विभिन्न विभागों, खास तौर पर व्यापार एवं उद्योग, रक्षा, विदेश, स्वास्थ्य आदि का चुनौतीपूर्ण वक्त में मदद करने के लिए आभार व्यक्त करते हैं। हम टेमासेक फाउंडेशन के जरिए भी भारत की मदद करने के लिए आभारी हैं।’’
संक्रमण से निपटने के लिए अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों की मदद के लिए सिंगापुर के विभिन्न संस्थानों ने 5.50 करोड़ रुपये एकत्र किए हैं। इसी संबंध में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुमारन ने कहा,‘‘ ये मुश्किल वक्त है, वायरस म्यूटेट कर रहा है और हमारी रक्षात्मक रणनीतियों के इर्द-गिर्द आ ही जाता है। इंसानों की तरह ही वायरस का भी बस एक ही काम है- बने रहने की जद्दोजहद। बने रहने के लिए वायरस वह सभी काम करेगा, जो वह कर सकता है।’’
अब तक सिंगापुर 85 आईएसओ टैंक, 8300 सांद्रक, 16,000 सिलेंडर, 2,000 बाइपैप और वेंटिलेटर भारत भेज चुका है।
तमिलनाडु के वित्त एवं मानव संसाधन मंत्री डॉ पी त्यागराजन भी डिजिटल माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम में उच्चायुक्त ने भारत में कोरोना वायरस संक्रमण से हालात के बारे में भी जानकारी दी।
भाषा
शोभना दिलीप
दिलीप