दुबई, 12 जनवरी (एपी) ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान की गई कार्रवाई में कम से कम 544 लोगों की मौत हो चुकी है और आशंका है कि मृतकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। यह दावा मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने किया है।
वहीं, तेहरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए बल प्रयोग करता है, तो अमेरिकी सेना और इजराइल को ‘‘निशाना’’ बनाया जाएगा।
अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज़ एजेंसी’ ने रविवार को बताया कि पिछले दो सप्ताह से जारी प्रदर्शनों के दौरान 10,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह एजेंसी हाल के वर्षों में हुई हिंसक घटनाओं के दौरान सटीक जानकारी देने के लिए जानी जाती रही है और ईरान में मौजूद अपने समर्थकों के जरिए सूचनाओं का सत्यापन करती है।
एजेंसी के अनुसार, मारे गए लोगों में 496 प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबलों के 48 सदस्य थे।
ईरान में इंटरनेट सेवाएं ठप होने और फोन लाइनों के काटे जाने के कारण विदेश से इन प्रदर्शनों की स्थिति का आकलन करना और अधिक कठिन हो गया है। ‘एसोसिएटेड प्रेस’ स्वतंत्र रूप से मृतकों की संख्या की पुष्टि नहीं कर सका है। ईरानी सरकार ने अब तक कुल हताहतों के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं।
माना जा रहा है कि सूचना पर रोक से ईरान की सुरक्षा सेवाओं के कट्टरपंथी तत्वों को और अधिक हिंसक कार्रवाई करने का हौसला मिल रहा है। शनिवार रात से रविवार सुबह तक राजधानी तेहरान और देश के दूसरे सबसे बड़े शहर में प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर विरोध किया। ऑनलाइन वीडियो में रविवार रात से सोमवार तक प्रदर्शन जारी रहने के दृश्य दिखाई दिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस की आंतरिक चर्चाओं से परिचित दो लोगों ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजराइल द्वारा सीधे सैन्य हमले शामिल हैं। इन लोगों ने सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने की अनुमति न होने के कारण नाम गोपनीय रखने की शर्त पर यह जानकारी दी।
ट्रंप ने रविवार रात संवाददाताओं से कहा, ‘‘सेना इस पर विचार कर रही है और हम बहुत सख्त विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं।’’ ईरान की जवाबी कार्रवाई की धमकियों पर उन्होंने कहा, ‘‘अगर उन्होंने ऐसा किया तो हम उन्हें ऐसे स्तर पर जवाब देंगे, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा।’’
अमेरिकी सेना और इजराइल पर हमले की धमकी संसद में भाषण के दौरान ईरान के कट्टरपंथी नेता मोहम्मद बाकर कालिबाफ ने दी।
उन्होंने इजराइल को सीधे धमकी देते हुए उसे ‘‘कब्जे वाला क्षेत्र’’ बताया।
कालिबाफ ने कहा, ‘‘ईरान पर हमले की स्थिति में कब्जे वाले क्षेत्र और क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, ठिकाने और जहाज़ हमारे वैध लक्ष्य होंगे। हम केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया तक खुद को सीमित नहीं मानते और किसी भी खतरे के ठोस संकेत के आधार पर कार्रवाई करेंगे।’’
इसके बाद सांसदों ने ‘‘अमेरिका मुर्दाबाद’’ के नारे लगाए।
एपी गोला शोभना
शोभना