संयुक्त राष्ट्र, 13 फरवरी (एपी) संयुक्त राष्ट्र महासभा ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के प्रभाव और जोखिमों का आकलन करने के लिए 40 सदस्यीय वैश्विक वैज्ञानिक पैनल के गठन को भारी बहुमत से मंजूरी दे दी, जबकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया।
इस पैनल का गठन करने वाले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने इसे “एआई की वैश्विक वैज्ञानिक समझ की दिशा में एक बुनियादी कदम” बताया।
गुतारेस ने बृहस्पतिवार को कहा, “ऐसे समय में जब एआई तेजी से आगे बढ़ रहा है, यह पैनल कठोर, स्वतंत्र वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि प्रदान करेगा ताकि सभी सदस्य देश, भले ही उनकी प्रौद्योगिकी क्षमता जो भी हो, समान आधार पर भागीदारी कर सकें।”
उन्होंने इसे एआई के वास्तविक आर्थिक एवं सामाजिक प्रभावों का आकलन करने के लिए पहला पूर्णतः स्वतंत्र वैश्विक वैज्ञानिक निकाय बताया।
एआई पैनल के पक्ष में, 193 सदस्यीय महासभा में 117 देशों ने मतदान किया, जबकि दो ने विरोध में वोट डाला।
अमेरिका और पराग्वे ने इसके विरोध में मतदान किया, जबकि ट्यूनीशिया और यूक्रेन ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। वहीं, अमेरिका के कई सहयोगियों ने रूस, चीन और कई विकासशील देशों के साथ प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया।
संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी मिशन की काउंसलर लॉरेन लवलेस ने पैनल को “संयुक्त राष्ट्र के अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन” बताया और कहा कि “एआई शासन संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्देशित किए जाने का विषय नहीं है।”
उन्होंने कहा कि एआई के क्षेत्र में वैश्विक अग्रणी के रूप में अमेरिका नवाचार को तेजी से बढ़ाने और अपने बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन “समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर साझा मूल्यों के अनुरूप एआई के विकास को प्रोत्साहित करने” का समर्थन करेगा।
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मनीषा सुभाष
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