Dhaka Karachi flight starts after 14 years || Image- Airports Authority
कराची: बांग्लादेश की राजधानी ढाका से एक विमान बृहस्पतिवार को पाकिस्तान के कराची स्थित जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जिससे 14 वर्षों के बाद दोनों देशों के बीच निर्बाध हवाई संपर्क फिर से स्थापित हो गया। (Dhaka Karachi flight starts after 14 years) पाकिस्तान हवाई अड्डा प्राधिकरण (पीएए) के अनुसार, ढाका से कराची जाने वाली बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की उड़ान (बीजी-341) बृहस्पतिवार शाम कराची पहुंची। एक बयान में कहा गया है, “यह पिछले 14 वर्षों में ढाका से कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाली पहली उड़ान है।”
🇧🇩✈️🇵🇰 After 14 years, direct Dhaka–Karachi flights are back! Biman Bangladesh Airlines’ #BG341 landed in #Karachi tonight, returning twice-weekly service (Thu & Sat) on a Boeing 737. Via @Runway_Report12
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— AirNav Radar (@AirNavRadar) January 29, 2026
Historic moment at Jinnah Int’l Airport! Pakistan Airports Authority warmly welcomes Bangladesh’s national carrier BIMAN on the arrival of its first flight from Dhaka to Karachi after 14 years. pic.twitter.com/1bcoN7eKUH
— Pakistan Airports Authority (@Pk_PAA_Official) January 29, 2026
पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकियों के बीच बांग्लादेश में हिंसा का दौर बझी जारी है। इसी कड़ी में शेरपुर के झेनाइगाटी उपजिला में चुनाव घोषणापत्र लॉन्चिंग कार्यक्रम के दौरान जमात और बीएनपी के कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प में जमात-ए-इस्लामी के एक नेता की मौत हो गई है। (Dhaka Karachi flight starts after 14 years) बताया जा रहा है कि, यह झड़प कार्यक्रम में में बैठने की व्यवस्था को लेकर हुई थे, जिसने देखते ही देखते खूनी मोड़ ले लिया।
मृतक की पहचान श्रीबर्डी उपज़िला जमात-ए-इस्लामी के सचिव मौलाना रज़ाउल करीम के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वे फतेहपुर फ़ाज़िल मदरसा में अरबी के व्याख्याता भी थे। घायल होने के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया जा रहा था लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
जमात के शेरपुर-3 निर्वाचन क्षेत्र के उम्मीदवार नूरुज्जमान (बादल) ने फेसबुक पोस्ट में इस मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि मौलाना रजाउल करीम की हत्या बीएनपी समर्थकों द्वारा घोषणापत्र पठन कार्यक्रम के दौरान किए गए “क्रूर हमले” में हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि झड़प में 50 से अधिक जमात नेता और कार्यकर्ता घायल हुए, जिनमें से तीन की हालत गंभीर है।
मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पुलिस शिविर के प्रभारी नजरुल इस्लाम ने प्रोथोम आलो को बताया कि आपातकालीन विभाग के डॉक्टरों ने रात करीब 9:35 बजे रजाउल करीम को मृत घोषित कर दिया। (Dhaka Karachi flight starts after 14 years) उन्होंने आगे कहा, “उन्हें मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था और उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए मुर्दाघर में रखा गया है।” स्थानीय सूत्रों और उपज़िला प्रशासन ने बताया कि झेनाइगाटी उपज़िला प्रशासन ने शेरपुर-3 निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के चुनावी घोषणापत्रों को पढ़ने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया।
सुबह से ही विभिन्न दलों के उम्मीदवार और समर्थक कार्यक्रम स्थल पर जमा होने लगे थे। कार्यक्रम के दौरान, आगे की पंक्ति में बैठने को लेकर बीएनपी और जमात के कार्यकर्ताओं के बीच बहस छिड़ गई। स्थिति बिगड़ी और दोनों गुटों के बीच झड़प हो गई। अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में दोनों दलों के कम से कम 30 नेता और कार्यकर्ता घायल हो गए। यूएनबी की रिपोर्ट के अनुसार, दोपहर 3 बजे शुरू हुए इस झड़प के दौरान कम से कम छह मोटरसाइकिलें और सौ से अधिक कुर्सियाँ तोड़फोड़ कर जला दी गईं। जमात-ए-इस्लामी और बीएनपी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हिंसा के लिए एक-दूसरे को दोषी ठहराया।
झड़प में मौलाना रजाउल करीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्हें पहले झेनाइगाती उपज़िला स्वास्थ्य परिसर ले जाया गया। बाद में उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें शेरपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी, इसलिए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मयमनसिंह मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया। देर रात रास्ते में ही उनका निधन हो गया। जमात के महासचिव मिया गोलाम पोरवार ने रेजाउल करीम की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। हमले की निंदा की और प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया है।
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