डोभाल सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मिले, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर की चर्चा
डोभाल सऊदी अरब के विदेश मंत्री से मिले, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर की चर्चा
दुबई, 21 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने सऊदी अरब की यात्रा के दौरान विदेश मंत्री शहजादे फैसल बिन फरहान से मुलाकात की और ‘‘ऊर्जा सुरक्षा’’ को मजबूत करने तथा ‘‘समुद्री मार्गों की सुरक्षा’’ सहित क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा की।
डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा हुआ है तथा अमेरिका-ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों तथा ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाएं बनी हुई हैं।
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय के अनुसार, डोभाल ने सोमवार को रियाद में शहजादे फैसल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की।
इस वर्ष डोभाल की सऊदी अरब की यह तीसरी यात्रा है।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों तथा ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों पर भी चर्चा की।’’
बैठक में सऊदी अरब के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री सऊद अल-साती भी मौजूद थे।
डोभाल की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ ‘‘समुद्री नाकाबंदी’’ की घोषणा करते हुए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी अरब के जहाजों को रोकने की बात कही है। हूतियों का दावा है कि यह कदम यमन के उनके नियंत्रण वाले क्षेत्रों के बंदरगाहों और हवाई अड्डों की कथित नाकाबंदी के जवाब में उठाया गया है।
सऊदी अरब ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
इस घटनाक्रम ने प्रमुख वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंकाएं पहले से ही बनी हुई हैं।
डोभाल इससे पहले फरवरी और अप्रैल में भी रियाद गए थे। अप्रैल की यात्रा के दौरान उन्होंने सऊदी अरब के विदेश मंत्री शहजादे फैसल, ऊर्जा मंत्री शहजादे अब्दुल अजीज बिन सलमान और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मुसैद बिन मोहम्मद अल ऐबान से वार्ता की थी।
भारत और सऊदी अरब के बीच रणनीतिक, ऊर्जा और आर्थिक क्षेत्रों में घनिष्ठ संबंध हैं। सऊदी अरब में लगभग 26 लाख भारतीय रहते और काम करते हैं, जो वहां का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है। सऊदी अरब भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति करने वाले प्रमुख देशों में भी शामिल है।
फिलहाल क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच भारत खाड़ी देशों के साथ अपने कूटनीतिक संपर्क बढ़ा रहा है। नयी दिल्ली का ध्यान ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा, महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की रक्षा तथा क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
भाषा मनीषा माधव
माधव

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