ओडिशा विस में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का बहिर्गमन

ओडिशा विस में राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष का बहिर्गमन

  •  
  • Publish Date - February 18, 2021 / 12:01 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

भुवनेश्वर, 18 फरवरी (भाषा) ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र बृहस्पतिवार को शुरू हुआ और हंगामेदार रहा। विपक्षी कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने राज्यपाल गणेश लाल का अभिभाषण शुरू होते ही सदन से बहिर्गमन कर दिया।

कांग्रेस के सदस्यों ने सचेतक ताराप्रसाद बहिनीपति के नेतृत्व में नारेबाजी की और राज्यपाल से बीजद सरकार की प्रशंसा में अपना भाषण पढ़ना बंद करने का आग्रह किया।

भाजपा सदस्यों ने भी ऐसा ही किया और सदन से बहिर्गमन कर दिया।

कांग्रेस इस बात पर खफा है कि आंध्र प्रदेश सरकार ओडिशा के कोरापुट जिले के कोटिया में कुछ गांवों में ग्रामीण चुनाव करा रही है। साथ ही पार्टी ईंधन की बढ़ी कीमतों और कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की आलोचना कर रही है जबकि भाजपा सदस्य कोटिया चुनाव, धान खरीद में अनियमितता और राजनीतिक हिंसा के मुद्दों को लेकर आक्रोशित थे।

सदन से बहिर्गमन करने के बाद, विपक्षी सदस्य विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए।

राज्यपाल ने अपने भाषण में कहा कि राज्य में कानून और व्यवस्था की स्थिति 2020 के दौरान शांतिपूर्ण बनी रही।

उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रिय भूमिका के कारण कानून एवं व्यवस्था की कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

उन्होंने कहा कि पुलिस ने कोविड-19 की स्थिति को सफलतापूर्वक संभाला और 49 पुलिस कर्मियों ने महामारी के दौरान ड्यूटी पर अपने प्राणों की आहुति दी और 940 पुलिस कर्मियों ने कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार रोगियों के जीवन को बचाने के लिए प्लाज्मा दान किया।

लाल ने कहा, ‘सुरक्षा और प्रशासन की सक्रिय प्रतिक्रिया के कारण वाम पंथ के चरमपंथ का परिदृश्य पिछले पांच वर्षों के दौरान उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है।’

राज्यपाल ने कहा कि सरकार ने जनवरी 2021 के अंत तक 38,760 करोड़ रुपये का राजस्व जमा किया है जो पिछले साल इसी अवधि में जमा किए गए राजस्व से अधिक है।

बजट सत्र में कोविड-19 दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है और सभी सदस्यों को सदन में प्रवेश के लिए कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं होने की रिपोर्ट पेश करनी पड़ी है।

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक बृहस्पतिवार को खुद सदन में मौजूद थे। उन्होंने पिछले दो सत्रों में ऑनलाइन शिरकत की थी।

भाषा

नोमान नरेश

नरेश