पेरिस, 22 जुलाई (एपी) फ्रांस की पर्यावरण परिवर्तन मंत्री एक विवादित आपातकालीन कृषि विधेयक की वजह से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इस विधेयक में उन प्रतिबंधित कीटनाशकों के इस्तेमाल की अस्थायी छूट दी गई है, जिनके बारे में वैज्ञानिकों का कहना है कि वे मधुमक्खियों के लिए हानिकारक हैं।
पिछले साल अक्टूबर में नियुक्त हुईं मोनिक बारबट ने कहा कि वह बुधवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपना इस्तीफा सौंपेंगी।
मंगलवार को फ्रांसीसी सांसदों द्वारा पारित कानून, फ्रांस की खाद्य, पर्यावरण और व्यावसायिक स्वास्थ्य एजेंसी को कुछ संघर्षरत कृषि क्षेत्रों के लिए एसिटामिप्रिड और फ्लुपाइराडिफ्यूरोन के इस्तेमाल की विशेष अनुमति देने की इजाजत देता है।
बारबट ने सोशल मीडिया पर एक संदेश में लिखा, ‘‘पिछले नौ महीनों में, मैंने उन लोगों का पक्ष लिया है जो मार्च नहीं करते, जो वोट नहीं देते और जो शोर नहीं मचाते: हमारे जंगलों की खामोशी, हमारे पानी की गुणवत्ता, हमारी हवा की शुद्धता, हमारी मिट्टी की समृद्धि और जीवन की विविधता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आज, मुझे यह मानना होगा कि इन लक्ष्यों का विरोध करने वाली ताकतें इतनी शक्तिशाली हो गई हैं कि अब मेरे पास इस मकसद को पूरा करने का कोई साधन नहीं बचा है।’’
बारबट ने कहा, ‘‘मुझसे किए गए वादों के विपरीत, सरकार ने इस प्रावधान को हटाने पर किसी भी तरह की बहस को रोक दिया।’’
उनका इस्तीफा फ्रांस की सर्वोच्च अदालत द्वारा खेती से जुड़े एक विवादित कानून के मुख्य हिस्से को रोके जाने के एक साल बाद आया है। उस कानून के तहत एसिटामिप्रिड की वापसी होती, जो मधुमक्खियों और अन्य परागण करने वाले जीवों को नुकसान पहुंचाने के कारण 2018 से फ्रांस में प्रतिबंधित है।
अदालत ने कहा कि यह उपाय पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों की रक्षा करने में विफल रहा।
एपी वैभव पवनेश
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