मुंबई, 22 अप्रैल (भाषा) जुपिटर वैगंस के उप प्रबंध निदेशक विकास लोहिया भारतीय कॉरपोरेट जगत के उत्तराधिकारियों के बीच सबसे तेजी से संपत्ति बढ़ाने वाले व्यक्ति के रूप में उभरे हैं। बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
पिछले छह वर्षों के दौरान जुपिटर वैगंस के बाजार पूंजीकरण में 152.8 गुना वृद्धि हुई है। इसके साथ ही प्रवर्तक परिवार की दूसरी पीढ़ी के सदस्य लोहिया ने पहली ‘एएसके प्राइवेट वेल्थ हुरुन इंडिया सक्सेसर्स 50’ सूची में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
शराब बनाने वाली कंपनी तिलकनगर इंडस्ट्रीज को चलाने वाले परिवार की चौथी पीढ़ी के सदस्य अमित दहानुकर और जिंदल स्टेनलेस के अभ्युदय जिंदल संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं। इन दोनों ने अपनी-अपनी कंपनियों के बाजार पूंजीकरण में 52.5 गुना की वृद्धि की है।
पहली बार प्रकाशित इस सूची के मुताबिक, अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड के करण अदाणी 2.67 लाख करोड़ रुपये की कुल मूल्य वृद्धि के साथ सूची में सबसे ऊपर हैं।
रिपोर्ट में कहा गया कि अगली पीढ़ी के उत्तराधिकारियों के नेतृत्व वाली इन 50 कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 30.9 लाख करोड़ रुपये है।
हुरुन इंडिया के संस्थापक और मुख्य शोधकर्ता अनस रहमान जुनैद ने कहा, ”आने वाले दशक में परिवार आधारित कारोबारों की करीब दो लाख करोड़ डॉलर की संपत्ति संस्थापकों से उनके उत्तराधिकारियों को हस्तांतरित होगी, जिससे नई पीढ़ी आज के भारतीय पूंजीवाद में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली बन सकती है।”
इस सूची में नौ कंपनियों की दस महिलाएं भी शामिल हैं, जबकि आइनॉक्सजीएफएल ग्रुप के देवांश जैन सूची में शामिल सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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