राष्ट्रीय आवश्यकता है सुशासन, विकास और समृद्धि: नेपाल के राष्ट्रपति

राष्ट्रीय आवश्यकता है सुशासन, विकास और समृद्धि: नेपाल के राष्ट्रपति

राष्ट्रीय आवश्यकता है सुशासन, विकास और समृद्धि: नेपाल के राष्ट्रपति
Modified Date: May 29, 2026 / 04:41 pm IST
Published Date: May 29, 2026 4:41 pm IST

(शिरीष बी प्रधान)

काठमांडू, 29 मई (भाषा) नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने शुक्रवार को राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों और अन्य हितधारकों से संविधान की परिकल्पना के अनुरूप एक सुसंस्कृत और समृद्ध समाज के विकास में योगदान देने की अपील की।

संविधान सभा ने 15 ज्येष्ठ 2065 विक्रम संवत (28 मई, 2008) को नेपाल को एक संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया था, जिससे देश में 240 साल पुरानी राजशाही का औपचारिक रूप से अंत हो गया।

राष्ट्रपति ने नेपाल के 19वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर यहां टुंडीखेल में एक विशेष समारोह को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि सुशासन, विकास और समृद्धि के उद्देश्यों को प्राप्त करना आज की राष्ट्रीय आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि यह जवाबदेही और जनोन्मुख सेवा प्रदाय को मजबूत करके ही हासिल किया जा सकता है।

टुंडीखेल में आयोजित समारोह को पौडेल ने संबोधित किया, क्योंकि प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने इसे संबोधित करने से इनकार कर दिया था। इससे निर्वाचित प्रधानमंत्री द्वारा मुख्य भाषण देने की एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा का अंत हो गया।

राष्ट्रपति ने सभी राजनीतिक दलों, नागरिक संगठनों और अन्य हितधारकों से सतत एवं विवेकपूर्ण आर्थिक विकास के माध्यम से एक सुसंस्कृत और समृद्ध समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की।

उन्होंने नेपाल की स्वतंत्रता, संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय एकता, राष्ट्रीय हितों और गौरव को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

नेपाली सेना की एक टुकड़ी ने पौडेल को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ प्रदान किया, जबकि सेना के एक हेलीकॉप्टर ने ‘गणतंत्र दिवस 2083’ का बैनर प्रदर्शित किया और हवा से फूलों की पंखुड़ियां बरसाईं।

उपराष्ट्रपति राम सहाय प्रसाद यादव, प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह, प्रधान न्यायाधीश मनोज कुमार शर्मा, स्पीकर डोल प्रसाद आर्यल और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्ष नारायण प्रसाद दहल सहित कई गणमान्य व्यक्ति इस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश


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