अमेरिका और लेबनान के बीच 40 से अधिक साल में पहली बार सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना: ट्रंप

अमेरिका और लेबनान के बीच 40 से अधिक साल में पहली बार सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना: ट्रंप

अमेरिका और लेबनान के बीच 40 से अधिक साल में पहली बार सीधी उड़ानें शुरू होने की संभावना: ट्रंप
Modified Date: July 22, 2026 / 09:17 am IST
Published Date: July 22, 2026 9:17 am IST

वाशिंगटन, 22 जुलाई (एपी) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि वह अमेरिकी विमानन कंपनियों को लेबनान के लिए सीधी उड़ानें फिर शुरू करने की अनुमति देंगे।

अमेरिका ने 40 से अधिक वर्ष पहले इस मार्ग पर सीधी उड़ानें निलंबित कर दी थीं।

अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के प्रशासन ने ‘ट्रांस वर्ल्ड एयरलाइंस’ (टीडब्ल्यूए) की उड़ान संख्या 847 का अपहरण किए जाने के बाद 1985 में अमेरिका और लेबनान के बीच सीधी उड़ानें निलंबित कर दी थीं।

ट्रंप ने मंगलवार को लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मैं अपने प्रशासन को निर्देश दे रहा हूं कि वह सभी अमेरिकी विमानन कंपनियों को लेबनान के लिए सीधी उड़ानें संचालित करने की अनुमति दे ताकि अमेरिकी नागरिक इस खूबसूरत देश की आसानी से यात्रा कर सकें।’’

ट्रंप ने मंगलवार को ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिका के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में आउन के साथ बैठक के दौरान लेबनान की ‘‘बहुत अधिक’’ मदद करने का वादा किया। इजराइल और ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला के बीच कई महीनों तक चले युद्ध के बाद दीर्घकालिक शांति कायम करने के प्रयासों के तहत आउन वाशिंगटन आए थे।

अमेरिका ने लेबनान में शांति स्थापित करने पर जोर दिया है, लेकिन ईरान के साथ युद्ध में नए सिरे से तनाव बढ़ने के कारण उसका ध्यान इस मुद्दे से काफी हद तक हट गया है।

लेबनान और इजराइल ने अमेरिका की मध्यस्थता में आमने-सामने वार्ता की जो एक दुर्लभ बात है। आउन की ‘व्हाइट हाउस’ यात्रा 2009 के बाद किसी लेबनानी राष्ट्रपति की पहली ऐसी यात्रा थी।

ट्रंप ने आउन से कहा, ‘‘इस देश और यहां के लोगों के साथ बहुत बुरा व्यवहार हुआ है। अब हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके साथ उचित व्यवहार हो और उन्हें वह सम्मान मिले, जिसके वे हकदार हैं।’’

लेबनान को उम्मीद है कि वाशिंगटन में हुई बातचीत के बाद इजराइली सैनिक दक्षिणी लेबनान के उन बड़े इलाकों से हट जाएंगे, जिन पर अभी उनका कब्जा है। लेबनान यह भी चाहता है कि उसकी सेना को उन क्षेत्रों पर पूरी तरह नियंत्रण स्थापित करने के लिए सहायता मिले, जहां पहले हिज्बुल्ला के लड़ाकों का दबदबा था।

एपी सिम्मी शफीक

शफीक


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