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Electricity Bill Hike News: जंग के बाद लगेगा आवाम को बड़ा झटका.. बढ़ने वाली है बिजली की कीमत, जानें हर यूनिट पर कितना होगा इजाफा

Govt Announced Electricity Bill Hike in Pakistan

Govt Announced Electricity Bill Hike in Pakistan || Image- Rightsofemployees.com

Govt Announced Electricity Bill Hike in Pakistan: इस्लामाबाद: भारत के साथ हाल ही में हुए युद्ध में करारी हार के बाद अब पाकिस्तान की आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ने वाला है। पाकिस्तान की सरकार ने बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। केंद्रीय विद्युत क्रय एजेंसी (CPPA) ने अप्रैल महीने के लिए ईंधन लागत समायोजन के तहत बिजली दरों में 1.27 रुपए प्रति यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।

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10.513 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन

इस प्रस्ताव पर 29 अप्रैल को नेशनल इलेक्ट्रिक पावर रेगुलेटरी अथॉरिटी (NEPRA) सुनवाई करेगी। याचिका के मुताबिक अप्रैल में कुल 10.513 अरब यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जबकि वितरण कंपनियों को 10.196 अरब यूनिट बिजली भेजी गई। सीपीपीए ने बताया कि अप्रैल में बिजली उत्पादन की औसत लागत 8.94 रुपए प्रति यूनिट रही, जबकि अनुमानित लागत 7.68 रुपए प्रति यूनिट थी।

Govt Announced Electricity Bill Hike in Pakistan: बिजली उत्पादन के लिए विभिन्न स्रोतों का इस्तेमाल हुआ, जिनमें जल विद्युत, कोयला (स्थानीय और आयातित), भट्ठी तेल, गैस, एलएनजी और परमाणु ऊर्जा शामिल हैं। इनमें सबसे ज्यादा बिजली जल विद्युत और परमाणु ऊर्जा से प्राप्त हुई।

उपभोक्ताओं को 1.55 रुपए प्रति यूनिट की राहत

इस बीच, NEPRA ने कराची के उपभोक्ताओं को राहत देते हुए फरवरी 2025 के मासिक ईंधन समायोजन के तहत बिजली दरों में 3.64 रुपए प्रति यूनिट की कटौती की घोषणा की है। इसके अलावा, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के समायोजन के तहत पूरे देश के उपभोक्ताओं को 1.55 रुपए प्रति यूनिट की राहत दी गई है। यह राहत मई 2025 के बिजली बिलों में दिखाई देगी।

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कमजोर वर्गों पर अतिरिक्त बोझ

Govt Announced Electricity Bill Hike in Pakistan: हालांकि, यह राहत सभी उपभोक्ताओं के लिए नहीं है। लाइफलाइन और संरक्षित श्रेणी में आने वाले उपभोक्ताओं को इस कटौती का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे गरीब और कमजोर वर्गों पर अतिरिक्त बोझ बना रहेगा। कुल मिलाकर, एक तरफ बिजली की कीमतें बढ़ रही हैं तो दूसरी तरफ राहत का दायरा सीमित है, जिससे पाकिस्तान की आम जनता पर दोहरी मार पड़ने की आशंका है।

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