बेरूत, चार जून (एपी) ईरान समर्थित चरमपंथी संगठन हिजबुल्ला के प्रमुख नईम कासिम ने इजराइल और लेबनान सरकार के बीच हुए नवीनतम युद्धविराम समझौते को खारिज करते हुए इजराइली सेना की पूर्ण वापसी की मांग की है।
कासिम ने बृहस्पतिवार को हिजबुल्ला के टेलीविजन चैनल ‘अल-मनार’ पर प्रसारित एक लिखित बयान में कहा कि समझौते के तहत दक्षिणी लेबनान से हिजबुल्ला लड़ाकों को हमलों के बीच हटाने की मांग का अर्थ ‘‘आत्मसमर्पण, पराजय और दुश्मन के उद्देश्यों की पूर्ति’’ होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी प्राथमिक चिंता आक्रामकता का अंत, युद्धविराम और इजराइल का पीछे हटना है।’’
कासिम ने कहा, ‘‘जब तक कब्जा जारी रहेगा, तब तक प्रतिरोध बंद करने की हमने किसी भी पक्ष से कोई प्रतिबद्धता नहीं की है।’’
इससे पहले, इजराइल और लेबनान ने अपने युद्धविराम को आगे बढ़ाने तथा लेबनान के भीतर प्रायोगिक तौर पर कुछ ऐसे सुरक्षा क्षेत्र बनाने पर सहमति जताई थी जहां हिजबुल्ला के लड़ाकों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
अमेरिका की मध्यस्थता में विदेश मंत्रालय में हुई चौथे दौर की वार्ता के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने कहा कि यह युद्धविराम तभी प्रभावी रहेगा ‘‘जब हिजबुल्ला पूरी तरह हमले बंद करे और लितानी नदी के दक्षिण के इलाकों से अपने सभी लड़ाकों को हटा ले।’’
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