जकार्ता, सात जुलाई (भाषा) इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंगलवार को कहा कि उनके भीतर भारतीय डीएनए है। उन्होंने अपने देशवासियों से भारत के अनुभवों से सीखने का आह्वान करते हुए कहा कि भारत ने इंडोनेशिया की सभ्यता और संस्कृति को गहराई से प्रभावित किया है।
जकार्ता में भारतीय समुदाय के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति सुबियांतो ने कहा कि पद संभालने के सिर्फ़ तीन महीने बाद ही 2025 में भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होना उनके लिए सम्मान की बात है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए।
इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो के 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि बनने का उल्लेख करते हुए सुबियांतो ने कहा कि दोनों देशों के बीच हमेशा से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘भारत की अपनी राजकीय यात्रा से ठीक पहले मैंने जीनोम अनुक्रमण परीक्षण कराया था। जब मेरे डीएनए की जांच हुई तो पता चला कि उसमें भारतीय डीएनए भी है।’’
हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने कहा, ‘‘शायद यही वजह है कि जब भी मैं कोई संगीत सुनता हूं, खासकर भारतीय संगीत, तो मेरे पैर अपने आप थिरकने लगते हैं।’’
मुस्कुराते हुए उन्होंने कहा, ‘‘मेरे मंत्री, मेरे जनरल, सभी को नाचना और गाना पसंद है। शायद उनमें से ज्यादातर के डीएनए में भी भारतीय अंश हो।’’
सुबियांतो ने कहा कि वह सभी भारतीयों के दोस्त हैं, लेकिन वह प्रधानमंत्री मोदी के ‘‘बहुत बड़े प्रशंसक’’ हैं और उन्होंने उनकी कई नीतियों को अपनाया है।
उन्होंने कहा, ‘‘इंडोनेशिया के लोगों को भारत के अनुभवों से सीखना चाहिए। हमारी सभ्यता और संस्कृति पर भारतीय सभ्यता का गहरा प्रभाव है। हमारी भाषा का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा संस्कृत से आया है। हमारे कई नाम भी संस्कृत मूल के हैं। इसलिए हमारे बीच एक विशेष निकटता है और हम दोनों देशों के बीच और अधिक घनिष्ठ सहयोग का स्वागत करते हैं।’’
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति सुबियांतो को भारत का ‘‘सच्चा मित्र’’ बताया।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति की भारतीय डीएनए संबंधी टिप्पणी का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘आपके इस बयान ने भारतवासियों का दिल छू लिया है। यह डीएनए आपसी विश्वास, साझा विरासत और साझा स्मृतियों से बना है।’’
भाषा आशीष माधव
माधव