मैं ट्रंप से कहूंगा कि अब भी ताइवान को अमेरिका से हथियार खरीद की उम्मीद : राष्ट्रपति लाई

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मैं ट्रंप से कहूंगा कि अब भी ताइवान को अमेरिका से हथियार खरीद की उम्मीद : राष्ट्रपति लाई

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  • Publish Date - May 20, 2026 / 04:32 PM IST,
    Updated On - May 20, 2026 / 04:32 PM IST

ताइपे, 20 मई (एपी) ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बुधवार को कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहेंगे कि उनका देश अब भी अमेरिका से हथियारों की खरीद जारी रहने की उम्मीद कर रहा है, जो शांति के लिए आवश्यक है।

उन्होंने यह आश्वासन भी दिया कि द्वीप का भविष्य बाहरी ताकतों द्वारा तय नहीं किया जाएगा।

लाई अपने कार्यकाल का आधा वक्त अर्थात दो साल पूरे कर रहे हैं और उन पर चीन का दबाव बढ़ता जा रहा है। चीन, ताइवान को अपना अलग हुआ प्रांत मानता है और दावा करता है कि आवश्यक हुआ तो वह बलपूर्वक इस द्वीप का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकता है।

ताइवान पर ट्रंप के हालिया बयान ने औपचारिक राजनयिक संबंधों के बिना भी इस द्वीप के लिए अमेरिका के पारंपरिक समर्थन के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं।

लाई ने कहा कि अगर उन्हें ट्रंप से बात करने का मौका मिलता है, तो वह रेखांकित करेंगे कि ताइवान जलडमरूमध्य में शांति और स्थिरता वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि चीन जलडमरूमध्य की शांति का ‘विध्वंसक’ है।

उन्होंने कहा कि वह ट्रंप को बताएंगे कि ताइवान का बढ़ता रक्षा बजट खतरों का जवाब है और अमेरिकी हथियारों की खरीद जलडमरूमध्य की स्थिरता की रक्षा के लिए आवश्यक होगी। ताइवानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनका मानना ​​है कि ‘‘केवल ताकत ही शांति ला सकती है’’।

लाई ने कहा कि वह प्रेस वार्ता में ट्रंप से कहेंगे, ‘‘किसी भी देश को ताइवान पर कब्जा करने का अधिकार नहीं है।’’

पिछले हफ्ते चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए बीजिंग शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप से कहा कि ‘‘ताइवान का मुद्दा’’ बीजिंग और वाशिंगटन के बीच संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि अगर इसका उचित समाधान नहीं किया गया तो दोनों देशों के बीच ‘‘टकराव और यहां तक ​​कि संघर्ष’’ भी हो सकते हैं।

दिसंबर में ट्रंप ने ताइवान को रिकॉर्ड 11 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियार पैकेज को मंजूरी दी थी। हालांकि, शुक्रवार को फॉक्स न्यूज पर प्रसारित एक साक्षात्कार में अमेरिकी राष्ट्रपति से ताइवान को 14 अरब अमेरिकी डॉलर के नए हथियार पैकेज के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मंजूरी चीन पर निर्भर करती है।

एपी धीरज सुरेश

सुरेश