President Prabowo Subianto Statement/Image Credit: X Handle
President Prabowo Subianto Statement: नई दिल्ली: दुनिया की सबसे अधिक मुस्लिम आबादी वाले इस्लामिक देश इंडोनेशिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बड़ा झटका दिया है। इंडोनेशिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का स्थायी सदस्य बनने से साफ मना कर दिया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पहल से जुड़ने को लेकर देश में भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। लगातार आलोचना झेल रहे राष्ट्रपति सुबियांतो ने साफ किया है कि उनका देश स्थायी सदस्यता के लिए मांगी जा रही 1 अरब डॉलर की फीस नहीं देगा।
रविवार को राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के यूट्यूब चैनल पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति ने कहा कि, इंडोनेशिया ने इस पहल के तहत केवल शांति-स्थापना के लिए सैनिक भेजने की प्रतिबद्धता जताई थी। ट्रंप प्रशासन ने कतर और मिस्र के साथ मिलकर अक्टूबर में गाजा में दो साल से जारी युद्ध को रोकने के लिए युद्धविराम कराया था। (President Prabowo Subianto Statement) इसी युद्धविराम के तहत बोर्ड ऑफ पीस की स्थापना की गई। इस बोर्ड की स्थायी सदस्यता चाहने वाले देशों को 1 अरब डॉलर का भुगतान करना होगा। इसकी काफी आलोचना हो रही है और कहा जा रहा है कि पैसे देकर सदस्य बनने का कोई मतलब नहीं है।
President Prabowo Subianto Statement: ‘बोर्ड ऑफ पीस’ का स्थायी सदस्य बनने से इनकार करने के बाद पूर्व जनरल प्रबोवो को इंडोनेशिया के मुस्लिम ग्रुप्स की आलोचना का भी सामना करना पड़ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि, उन्होंने इस बोर्ड में शामिल होने और गाजा में 8,000 शांति सैनिक भेजने का वादा किया है। प्रबोवो ने पिछले महीने अमेरिका में ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में हिस्सा लिया था। हालांकि बाद में उन्होंने कहा कि अगर यह पहल फिलिस्तीनियों के लिए फायदेमंद साबित नहीं होती या इंडोनेशिया के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप नहीं होती, तो वो इससे बाहर निकल जाएंगे।
अपने यूट्यूब चैनल पर जारी एक बयान में राष्ट्रपति प्रबोवो ने कहा, ‘हमने कभी ये नहीं कहा कि, हम 1 अरब डॉलर का योगदान देंगे।’ उन्होंने साफ किया कि वो पैसे देने के लिए कभी राजी नहीं हुए।
President Prabowo Subianto Statement: बता दें कि, पिछले महीने राष्ट्रपति प्रबोवो ने अमेरिका के साथ एक टैरिफ समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, (President Prabowo Subianto Statement) लेकिन रविवार को उन्होंने कहा कि अगर किसी समझौते की शर्तें या उसे लागू करना राष्ट्रीय हितों के खिलाफ जाता है तो इंडोनेशिया उससे पीछे हट सकता है। इंडोनेशिया की समाचार एजेंसी के अनुसार, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वहद नबील अचमद मुलाचे ला ने बताया कि गाजा में किसी भी शांति मिशन को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत फिलहाल स्थगित कर दी गई है।
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