Iran Demand From US/Image Credit: X Handle
Iran Demand From US: नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच जंग जारी है। वहीं सोमवार को ईरान ने 45 के युद्धविराम प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि, वो इस युद्ध का खात्मा चाहता है। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, देश की ओर से पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा है। इस शांति प्रस्ताव में ईरान ने अमेरिका और इजरायल से कई जरुरी रियायते मांगी है। इसमें सबसे अहम डिमांड होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले प्रत्येक जहाज पर लगभग 2 मिलियन डॉलर (करीब 18 करोड़ रुपये से ज्यादा) का शुल्क लगाना शामिल है।
एक न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में शांति प्रस्ताव में शामिल बड़ी मांगो के बारे में बताया गया है। इसके मुताबिक, Strait Of Hormuz से गुजरने वाले हर जहाज पर ये शुल्क ओमान के साथ साझा किया जाएगा। इस शुल्क में से ईरान अपने हिस्से की रकम को लेगा और उसका इस्तेमाल अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों तबाह हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के रिडेवलपमेंट के लिए करेगा। (Iran Demand From US) इस प्रपोजल में सीधे मुआवजे की मांग करने के बजाय ईरान की ओर से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता के रूप पेश किया गया है।
Iran Demand From US: ईरान द्वारा अमेरिका को भेजे गए शांति प्रस्ताव में Strait Of Hormuz पर खास फोकस रखा गया है, जो दुनिया के कुल तेल-गैस खपत के 20 फीसदी आवाजाही के लिए महत्वपूर्ण समुद्री रूट है। प्रस्ताव में इस रूट पर सुरक्षित आवागमन के लिए एक प्रोटोकॉल शामिल है, जिसमें सीजफायर की धारणा को खारिज करते हुए इस जंग के स्थायी अंत पर जोर दिया गया है।
ईरान ने होर्मुज से जहाज निकालने पर शुल्क वसूलने के अलावा यह मांग भी की है कि, (Iran Demand From US) अब उस पर दोबारा हमला नहीं किया जाएगा। इतना ही नहीं ईरान ने मांग की है कि, लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ इजरायली हमले बंद किए जाए। इसके बदले में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर लगाए गए अपने अप्रत्यक्ष प्रतिबंध को हटाने का प्रस्ताव रखा है।
Iran Demand From US: होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण चोकपॉइंट माना जाता है, क्योंकि दुनिया का लगभग 20 फीसदी से ज्यादा Crude Oil इसी रास्ते से गुजरता है। इसमें रुकावट का दुनिया में असर दिखता है और ये US-Iran War में भी साफ दिख रहा है। ये स्ट्रेट ईरान और ओमान के बीच है और फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है, इससे खाड़ी देशों से तेल टैंकरों के निकलने का ये महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता बनता है।
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