ईरान ने खाड़ी में पड़ोसियों को निशाना बनाया, इजराइल ने नए सिरे से की बमबारी

ईरान ने खाड़ी में पड़ोसियों को निशाना बनाया, इजराइल ने नए सिरे से की बमबारी

ईरान ने खाड़ी में पड़ोसियों को निशाना बनाया, इजराइल ने नए सिरे से की बमबारी
Modified Date: March 16, 2026 / 05:06 pm IST
Published Date: March 16, 2026 5:06 pm IST

बेरूत, मार्च (एपी) ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले के दो सप्ताह बाद भी सोमवार को दोनों पक्षों में लड़ाई जारी रही। इजराइल ने जहां लेबनान में ईरान समर्थक हिजबुल्ला के ठिकानों पर बम वर्षा की वहीं, ईरान ने जवाबी हमले के रूप में इजराइल के अलावा पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और तेल अवसंरचना को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।

इजरायल द्वारा रविवार देर रात लेबनान की राजधानी बेरूत पर किए गए हमले में धमाकों की गूंज सुनाई दी। इजरायल ने तेहरान पर भी नए सिरे से हमले शुरू किए, वहीं दुबई को अपने हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि एक ईरानी ड्रोन ने ईंधन टैंक को निशाना बनाया था।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी यातायात को भी प्रभावी रूप से रोक दिया है, जिसके माध्यम से दुनिया के 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है। इसकी वजह से वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंकाएं बढ़ रही हैं और अमेरिका पर दबाव बढ़ रहा है क्योंकि उपभोक्ता पहले से ही पेट्रोल पंपों पर महंगाई का सामना कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सोमवार को 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर स्थिर रही। शुरुआती कारोबार में यह 104 अमेरिकी डॉलर पर था, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले के बाद से लगभग 45 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। संघर्ष के दौरान इसकी कीमत लगभग 120 अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि उन्होंने लगभग सात देशों से युद्धपोत भेजने की मांग की है, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखा जा सके। बहरहाल, ईरान युद्ध के बीच तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद उनकी अपील पर अभी तक किसी देश ने ठोस प्रतिबद्धता नहीं जतायी है।

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को इस बात की चिंता सता रही है कि अमेरिकी उपभोक्ताओं के लिए बढ़ती कीमतें इस शरद ऋतु में होने वाले चुनावों में उसकी संभावनाओं को तिरोहित कर सकती हैं।

फ्लोरिडा से वाशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में सवार ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं इन देशों से मांग करता हूं कि वे आगे आकर अपने-अपने क्षेत्र की रक्षा करें, क्योंकि यह उनका अपना क्षेत्र है।’’ उन्होंने देशों के नाम नहीं बताए, लेकिन इससे पहले वे चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन से अपील कर चुके हैं।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार तड़के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में इस दावे को ‘भ्रामक’ बताया कि उनका देश युद्ध का वार्ता के जरिए अंत करने की कोशिश कर रहा है और कहा कि ईरान ‘‘न तो युद्धविराम चाहता है और न ही बातचीत।’’

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं तब तक जवाबी कार्रवाई करती रहेंगी जब तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति को यह एहसास नहीं हो जाता कि वह अमेरिकियों और ईरानियों दोनों पर जो अवैध युद्ध थोप रहे हैं वह गलत है और इसे कभी दोहराया नहीं जाना चाहिए।’’

सोमवार तड़के एक ड्रोन ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास एक ईंधन टैंक को निशाना बनाया जिससे वहां भीषण आग लग गई। यह अंतरराष्ट्रीय यात्री यातायात के लिए दुनिया का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है।

दमकलकर्मियों ने हालांकि आग पर काबू पा लिया और किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है, लेकिन हवाई अड्डे से विमानों का परिचालन कुछ घंटे के लिए निलंबित करना पड़ा।

बाद में, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाएं ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के नए हमलों को रोकने के लिए काम कर रही हैं।

ईरानी अधिकारियों ने हाल ही में यूएई पर ईरान के खिलाफ हमलों के लिए अपनी भूमि का इस्तेमाल करने की अनुमति देने का आरोप लगाया था। हालांकि यूएई के अधिकारियों ने इन आरोपों को भ्रामक बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि देश की कार्रवाई रक्षात्मक रही है।

इस बीच, सऊदी अरब ने कहा कि उसने देश के पूर्वी हिस्से में ईरान के 35 ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया। इस क्षेत्र में प्रमुख तेल प्रतिष्ठान स्थित हैं।

इजराइल की सेना ने सोमवार तड़के कहा कि ईरान ने भी उसके देश पर मिसाइलें दागी हैं।

इजराइली सेना के मुताबिक ईरान क्लस्टर बम दाग रहा है जो हवाई सुरक्षा प्रणालियों को चकमा दे सकते हैं और कई स्थानों को निशाना बना सकते हैं।

वहीं, बेरूत में इजराइली हमलों के बाद भीषण विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इजराइल ने कहा कि वह ईरान से जुड़े हिजबुल्ला मिलिशिया समूह से संबंधित बुनियादी ढांचे पर हमला कर रहा है।

इजराइली सेना ने बेरूत के कई इलाकों के साथ-साथ दक्षिणी लेबनान के कुछ हिस्सों को खाली करने के आदेश जारी किए हैं। अब तक, लेबनान में इजराइल के अभियान के कारण आठ लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकरों और अन्य वाणिज्यिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए गठबंधन बनाने की इच्छा जताई लेकिन यह नहीं बताया कि कौन से देश इसका हिस्सा हो सकते हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने हालांकि यह कहा कि वे उन देशों को नहीं भूलेंगे जिन्होंने मदद करने से इनकार कर दिया। उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने शुरू में ब्रिटिश विमानवाहक पोतों को ‘खतरे में डालने’ से इनकार कर दिया था।

उन्होंने कहा,‘‘हमें समर्थन मिले या न मिले, लेकिन मैं यह कह सकता हूं, और मैंने उनसे भी यही कहा, हम याद रखेंगे।’’

यूरोपीय संघ की ब्रसेल्स में होने वाली बैठक से पहले संगठन की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि सदस्य देशों के विदेश मंत्री लाल सागर में जहाजों की सुरक्षा करने वाले अपने ‘एस्पाइड्स नौसैनिक मिशन’ को होर्मुज जलडमरूमध्य तक विस्तारित करने की संभावना पर चर्चा करेंगे। लेकिन उन्होंने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया कि ऐसा मिशन कैसे काम करेगा या इस पर निर्णय लेने में कितना समय लगेगा।

जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने सोमवार को संसद को बताया कि उनकी सरकार को होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में सहयोग संबंधी ट्रंप के आह्वान की जानकारी नहीं है।

जापान अपने कच्चे तेल का 90 प्रतिशत से अधिक पश्चिम एशिया से आयात करता है। उन्होंने कहा कि जापानी जहाजों की सुरक्षा के लिए ‘‘अमेरिका के अनुरोध की परवाह किए बिना’’ क्या किया जा सकता है, इस बारे में चर्चा हुई थी।

एपी धीरज नरेश

नरेश


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