कराची, चार अप्रैल (भाषा) पाकिस्तान के नौसेना प्रमुख एडमिरल नवीद अशरफ ने शनिवार को कहा कि उनके देश के समुद्री हितों को चुनौती देने के हर प्रयास का उचित जवाब दिया जाएगा।
एडमिरल अशरफ ने यहां पाकिस्तान के बेड़े में मिल्गेम श्रेणी के दूसरे युद्धपोत पीएनएस खैबर को शामिल किए जाने के दौरान यह दावा किया कि पिछले साल मई में भारत के साथ संक्षिप्त सैन्य टकराव के दौरान पाकिस्तान की नौसेना भारत के विमानवाहक पोत को डुबोने की स्थिति में थी और इससे भारतीय युद्धपोत एवं उसकी सुरक्षा में लगे पोतों को पीछे हटने के लिए मजबूर होना पड़ा।
पाकिस्तान की नौसेना की ओर से जारी एक बयान में अशरफ के हवाले से कहा गया कि पाकिस्तानी समुद्री हितों को चुनौती देने की हर कोशिश का उचित जवाब दिया जाएगा।
भारत ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था जिसके तहत पाकिस्तान एवं पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी ढांचों को निशाना बनाया गया था। यह कार्रवाई पहलगाम में आतंकवादी हमले के जवाब में की गई थी जिसमें 26 आम नागरिक मारे गए थे। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत किए गए हमलों के बाद भारत एवं पाकिस्तान के बीच चार दिन तक भीषण झड़पें हुईं, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाइयां रोकने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बनी आपसी समझ के साथ समाप्त हुईं।
अशरफ ने कहा कि पाकिस्तान अहम समुद्री व्यापार एवं ऊर्जा गलियारों के पास स्थित है इसलिए अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करने और समुद्री संपर्क मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने के लिए उसके पास मजबूत नौसेना होना जरूरी है।
मिल्गेम श्रेणी का युद्धपोत के लिए तुर्किये की सरकारी रक्षा कंपनी एएसएफएटी इंक के साथ 2018 में करार किया गया था। इस करार के तहत दो पोत का निर्माण तुर्किये में और बाकी दो पोतों का निर्माण पाकिस्तान में किया जाना है।
अशरफ ने युद्धपोत को बेड़े में शामिल किए जाने के दौरान समारोह में कहा कि नौसेना को अत्याधुनिक मंचों और विशेष प्रौद्योगिकियों से लैस किया जा रहा है ताकि वह ‘‘दुश्मन के अहम ढांचे और नौसैनिक परिसंपत्तियों’’ को निशाना बना सके।
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सिम्मी रंजन
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