Israel America Iran War: एक बार फिर ईरान पर बरपेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप बोले- अब बचे हैं केवल 48 घंटे, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी कही ये बात

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एक बार फिर ईरान पर बरपेगा अमेरिका का कहर? ट्रंप बोले- अब बचे हैं केवल 48 घंटे, Israel America Iran War Trump Ultimatum

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  • Publish Date - April 4, 2026 / 08:40 PM IST,
    Updated On - April 4, 2026 / 08:56 PM IST

Donald Trump's Latest Statement. Image Source- IBC24 Archive

नई दिल्लीः Israel America Iran War: इजरायल अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को फिर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास समझौता करने के लिए सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर इस समय में कोई डील नहीं हुई तो हालात बहुत खराब हो सकते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पहले उन्होंने ईरान को 10 दिन का समय दिया था कि या तो समझौता करे या होर्मुज स्ट्रेट खोल दे।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आक्रामक अंदाज में लिखा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है। ईरान को समझौते और होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए पहले ही समय दिया गया था, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे बचे हैं। यदि ये डेडलाइन पार हुई, तो ईरान पर अमेरिका कहर बनकर टूटेगा। हैरानी की बात ये है कि कुछ दिन पहले तक ट्रंप का रुख अपेक्षाकृत नरम दिखाई दे रहा था।

सहयोगियों का साथ देने से इनकार

Israel America Iran War ट्रंप ईरान की कुछ कार्रवाइयों से हैरान भी दिखे, जैसे खाड़ी देशों पर हमले और होर्मुज स्ट्रेट को लगभग बंद कर देना। इस वजह से दुनिया में तेल की सप्लाई प्रभावित हुई। ट्रंप ने दूसरे देशों से इस रास्ते को खोलने में मदद मांगी, लेकिन कई सहयोगी देश तैयार नहीं हुए। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि अमेरिका ने बिना पूछे युद्ध शुरू किया, इसलिए अब दूसरों से मदद की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने भी इस जंग में शामिल होने से मना कर दिया। दोनों देशों ने कहा कि वे युद्ध खत्म होने के बाद ही इस पर काम करेंगे। नाटो देशों ने भी अमेरिका की मदद से इनकार कर दिया।

अमेरिका में ही ट्रंप का विरोध

अमेरिका के अंदर भी ट्रंप के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। उनके ही कुछ नेताओं ने कहा कि दुनिया में मजबूत दोस्तों (मित्र देशों) की जरूरत होती है। ट्रंप के पूर्व सलाहकार जॉन बोल्टन कहा कि बिना सहयोगियों से बात किए युद्ध शुरू करना गलती थी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप का अकेले फैसले लेने का तरीका अब मुश्किल में पड़ रहा है, क्योंकि युद्ध जैसी स्थिति में सब कुछ किसी एक के कंट्रोल में नहीं होता।

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