मुंबई, चार अप्रैल (भाषा) अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के मायाबंदर के पास 24 फरवरी को समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हुए पवन हंस हेलीकॉप्टर के पानी से टकराने के दौरान इसका आपातकालीन ‘फ्लोटेशन सिस्टम’ सक्रिय नहीं हुआ था। विमान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की शनिवार को जारी रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
इस हेलीकॉप्टर पर सात लोग सवार थे।
दुर्घटना पर अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट में, एएआईबी ने सिफारिश की कि विमानन सुरक्षा निगरानी संस्था सभी वाणिज्यिक हेलीकॉप्टर संचालकों के संचालन के दौरान मौके पर जांच करे ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे सभी आवश्यक नियमों का अनुपालन कर रहे हैं या नहीं।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के रंगहट हेलीपैड से 24 फरवरी को सात लोगों को लेकर उड़ान भरने के बाद पवन हंस का एक हेलीकॉप्टर मायाबंदर हेलीपैड पर उतरने के दौरान समुद्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘पानी से टकराने पर हेलीकॉप्टर के ‘फ्लोट’ सक्रिय नहीं हुए।’’
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, दुर्घटना में एक यात्री की मौत हो गई, एक शिशु सहित दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और दो यात्रियों को मामूली चोटें आईं, जबकि चालक दल के दोनों सदस्य बाल-बाल बच गए।
भाषा शफीक माधव
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