ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रवाना, ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा रद्द की

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ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रवाना, ट्रंप ने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा रद्द की

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  • Publish Date - April 26, 2026 / 12:30 AM IST,
    Updated On - April 26, 2026 / 12:30 AM IST

(सज्जाद हुसैन और एम जुल्करनैन)

इस्लामाबाद, 25 अप्रैल (भाषा) ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शनिवार को पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के साथ चर्चा करने और युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए तेहरान की मांगों की सूची साझा करने के बाद इस्लामाबाद से रवाना हो गए, जिससे अमेरिका के साथ शांति वार्ता के दूसरे दौर के भविष्य को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।

अराघची के पाकिस्तान से रवाना होते ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने घोषणा की कि अमेरिकी वार्ताकार स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अब ईरान के साथ वार्ता के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास सभी विकल्प मौजूद हैं।’’

ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया, ‘‘मैंने ईरानियों से मिलने के लिए इस्लामाबाद जाने वाले अपने प्रतिनिधियों की यात्रा रद्द कर दी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यात्रा में बहुत समय बर्बाद हो रहा है, काम का बोझ भी बहुत ज्यादा है! इसके अलावा, उनके ‘नेतृत्व’ में भ्रम की स्थिति है। किसी को नहीं पता कि सत्ता किसके हाथ में है, यहां तक ​​कि उन्हें भी नहीं। साथ ही, हमारे पास सारे विकल्प हैं, उनके पास एक भी नहीं! अगर वे बात करना चाहते हैं, तो उन्हें बस फोन करना है!!’’

शुक्रवार को इस्लामाबाद पहुंचे अराघची ने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की।

अराघची ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पाकिस्तान की यात्रा अत्यंत सार्थक रही। हमारे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए किए गए भाईचारे के प्रयासों की हम बहुत सराहना करते हैं। अभी यह देखना बाकी है कि क्या अमेरिका कूटनीति को लेकर वाकई गंभीर है।’’

एक बयान में प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि उन्होंने ‘‘क्षेत्रीय स्थिति पर विचारों का बेहद सौहार्दपूर्ण आदान-प्रदान किया। हमने पाकिस्तान-ईरान द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने सहित पारस्परिक हित के मुद्दों पर भी चर्चा की।’’

बैठक में उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इसहाक डार, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर, गृह मंत्री मोहसिन नकवी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इसके तुरंत बाद, प्रधानमंत्री शहबाज ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को फोन किया और क्षेत्रीय स्थिति में हो रहे बदलावों पर चर्चा की।

क्षेत्रीय शांति के प्रति पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता का आश्वासन देते हुए प्रधानमंत्री शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने ईमानदार प्रयासों को जारी रखेगा।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा, ‘‘दोनों नेताओं ने घनिष्ठ समन्वय जारी रखने पर सहमति जताई।’’

ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने शीर्ष अमेरिकी दूतों को ईरान के साथ बातचीत के लिए पाकिस्तान नहीं जाने का निर्देश दिया है।

ट्रंप ने शनिवार को ‘फॉक्स न्यूज’ के साथ फोन पर एक संक्षिप्त साक्षात्कार में बताया कि उन्होंने अमेरिकी वार्ताकारों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से कहा, ‘‘आप अब 18 घंटे की उड़ान भरकर व्यर्थ की बातें करने नहीं जा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि ईरानी जब चाहें अमेरिका को फोन कर सकते हैं।

अराघची अब अपने तीन देशों के दौरे के दूसरे चरण के लिए ओमान जा रहे हैं।

यह वार्ता का दूसरा दौर होना था, क्योंकि 11-12 अप्रैल को हुआ पहला दौर बिना किसी समझौते के समाप्त हो गया था।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अराघची ने मुनीर से औपचारिक मुलाकात की और अमेरिका के साथ शांति वार्ता से संबंधित मामलों पर चर्चा की।’’

ईरानी दूतावास ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बाद में प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की और दोनों पक्षों ने ‘‘द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ क्षेत्रीय घटनाक्रम की समीक्षा की।’’

प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इसहाक डार और मुनीर भी मौजूद थे, जहां दोनों पक्षों ने क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा की।

अधिकारी ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि अराघची ने पाकिस्तान को ईरान की ‘कुछ चिंताओं’ से अवगत कराया है, जिन्हें इस्लामाबाद अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के आगमन पर उनके साथ साझा करेगा। यदि अमेरिका इन चिंताओं को दूर करने और कुछ समझदारी दिखाने के लिए सहमत होता है, तो बाद में इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का दूसरा दौर होगा।’’

इससे पहले दिन में, ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बगाई ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच ‘‘कोई बैठक’’ आयोजित करने की योजना नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ईरान का पक्ष पाकिस्तान को बता दिया जाएगा।’’

अराघची ने शुक्रवार को इस्लामाबाद रवाना होने से पहले कहा था कि वह पाकिस्तान, ओमान और रूस के दौरे पर निकल रहे हैं और उनकी यात्राओं का उद्देश्य ‘‘द्विपक्षीय मामलों पर हमारे भागीदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय करना और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा करना’’ है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।’’

इस बीच, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इसहाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ईरान-अमेरिका वार्ता में सहयोग कर रहा है और क्षेत्र में शांति तथा स्थिरता का माहौल कायम करने के लिए प्रयास करता रहेगा।

विदेश कार्यालय (एफओ) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री डार ने क्षेत्र में नवीनतम घटनाक्रम की समीक्षा करने के लिए विदेश मंत्रालय में एक बैठक की।

एफओ ने दोहराया कि पाकिस्तान क्षेत्र में शांति और स्थिरता का माहौल कायम करने के लिए ईरान-अमेरिका वार्ता में सहयोग कर रहा है और पाकिस्तान इस संबंध में अपने प्रयास जारी रखेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘बयान चाहे प्रिंट मीडिया में उद्धृत किए गए हों या सोशल मीडिया पर, अज्ञात पाकिस्तानी अधिकारियों या सूत्रों के बयान पाकिस्तान के आधिकारिक रुख को नहीं दर्शाते हैं।’’

डार ने प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को अटकलबाजी वाली रिपोर्टिंग से बचने और केवल आधिकारिक बयानों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह भी दी।

डार ने तुर्किये के विदेश मंत्री हकान फिदान से भी बात की और पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे राजनयिक प्रयासों के संबंध में उन्हें नवीनतम जानकारी साझा की।

विदेश कार्यालय के अनुसार, ‘‘उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संवाद और कूटनीति के माध्यम से निरंतर जुड़ाव ही इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने का एकमात्र व्यवहार्य उपाय है।’’

इसके अलावा, डार ने शुक्रवार देर रात मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती से बात की और दोनों नेताओं ने पाकिस्तान द्वारा सुगम बनाए जा रहे राजनयिक प्रयासों पर चर्चा की और संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया।

ट्रंप ने मंगलवार को ईरान के साथ दो सप्ताह के युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया था, ताकि तेहरान को युद्ध समाप्त करने के लिए एक एकीकृत प्रस्ताव तैयार करने के लिए और समय मिल सके। यह कदम युद्धविराम की समाप्ति से कुछ ही घंटे पहले उठाया गया था।

इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के एक और दौर की संभावना के मद्देनजर, पाकिस्तान की राजधानी में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

ईरान पर 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद यह युद्ध शुरू हुआ था।

भाषा

देवेंद्र धीरज

धीरज