ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी जारी

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ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारी जारी

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 04:31 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 04:31 PM IST

तेहरान, तीन जुलाई (एपी) ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कई दिन तक चलने वाले अंतिम संस्कार कार्यक्रम की शुक्रवार को जारी तैयारियों के बीच तेहरान में बैनर लगाकर लोगों से उस विनाशकारी युद्ध के बाद इस्लामी गणराज्य के समर्थन में खड़े होने का आह्वान किया गया जिसमें 86 वर्षीय खामेनेई की मौत हो गई थी।

ईरान सरकार का आकलन है कि शनिवार से राजधानी की सड़कों पर लाखों लोग उतरेंगे। यह दृश्य 1989 में दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रूहुल्ला खुमैनी के अंतिम संस्कार जैसा हो सकता है।

इससे खासकर ऐसे समय में ईरान सरकार का मनोबल बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जब वह युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए अमेरिका के साथ बातचीत में होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है।

इस बीच, इस बात की आशंका भी बनी हुई है कि इजराइल दोबारा हमला कर सकता है।

ईरान के अर्धसैनिक ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ के प्रमुख जनरल अहमद वाहिदी कई महीनों बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से सामने आए। अन्य शीर्ष सरकारी अधिकारियों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के भी अंतिम संस्कार में शामिल होने की संभावना है।

अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे स्वयंसेवक मोहम्मद हुसैन रजाई ने कहा, ‘‘जब तक ईश्वर द्वारा चुने गए ये लोग मैदान में हैं, हम इस्लामी गणराज्य की ‘अपमान को ना’ कहने वाली नीति पर निश्चित रूप से चलते रहेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम स्वतंत्रता की अपनी नीति जारी रखेंगे। फैसले देश के भीतर लिए जाएंगे और लोग अपना भविष्य स्वयं तय करेंगे।’’

ईरानी ध्वज में लिपटा खामेनेई का ताबूत तेहरान स्थित ‘ग्रैंड मोसल्ला’ में रखा गया। उसके पास उनके उन परिजनों के ताबूत भी रखे गए जो 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के शुरुआती क्षणों में इजराइली हवाई हमले में मारे गए थे।

मारे गए लोगों में खामेनेई के एक दामाद, उनकी सबसे बड़ी बेटी, 14 महीने की नातिन और ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई की पत्नी शामिल हैं।

मुजतबा खामेनेई पूर्व सर्वोच्च नेता के पुत्र हैं और हमले में कथित रूप से घायल होने के बाद से सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।

धार्मिक नेताओं और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों ने खामेनेई के ताबूत के पास जाकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सैन्य बैंड ने धुन बजाई और एक व्यक्ति ने फातिहा पढ़ा।

ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा जारी वीडियो में बृहस्पतिवार रात खामेनेई के लिए आयोजित एक शोकसभा दिखाई गई। काले कपड़े पहने शोकाकुल लोगों ने स्कार्फ और अन्य वस्तुएं वहां मौजूद सहायकों की ओर फेंकीं ताकि उन्हें ताबूत से स्पर्श कराया जा सके। ईरान में यह एक आम परंपरा है।

सरकारी मीडिया ने बताया कि ये लोग 2025 के 12 दिवसीय युद्ध और हाल के ईरान युद्ध में अपने प्रियजन को गंवा चुके हैं।

बाद में सरकारी मीडिया ने खामेनेई के ताबूत की तस्वीरें जारी कीं, जिस पर लाल झंडा लिपटा हुआ था। इस झंडे पर सफेद अक्षरों में ‘या हुसैन’ लिखा था। यह शिया समुदाय का एक वाक्यांश है, जो पैगंबर मोहम्मद के नवासे की सातवीं सदी में हुई शहादत की याद दिलाता है। परंपरागत रूप से यह झंडा अन्यायपूर्ण तरीके से मारे गए व्यक्ति के बहाए गए खून और उसका बदला लेने के आह्वान का भी प्रतीक है।

ईरान के सरकारी मीडिया द्वारा ऑनलाइन प्रसारित तस्वीरों में वाहिदी बृहस्पतिवार को खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़ी एक बैठक में शामिल होते नजर आए। बाद में वह खामेनेई के ताबूत के पास बैठे दिखाई दिए।

ईरान के शासन ने बृहस्पतिवार रात मध्य तेहरान में सर्वोच्च नेता के पूर्व आवास के पास उनके लिए एक छोटी शोकसभा आयोजित की थी।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका के साथ युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के संभावित समझौते पर बातचीत में ईरान का कड़ा रुख तय करने में वाहिदी की अहम भूमिका है।

वाहिदी को ईरान युद्ध शुरू होने से कई सप्ताह पहले आठ फरवरी के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया था।

माना जाता है कि वाहिदी उन कुछ लोगों के समूह में शामिल हैं, जो मुजतबा खामेनेई के सीधे संपर्क में हैं।

यह स्पष्ट नहीं है कि मुजतबा खामेनेई अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे या नहीं। उनके पिता अली खामेनेई 1989 में खुमैनी के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे और उस समय वह रोते हुए नजर आए थे। इसके बाद उन्होंने दशकों तक सख्ती से ईरान का नेतृत्व किया और पश्चिमी देशों का सामना किया।

इजराइल ने मुजतबा खामेनेई को मारने की कई बार धमकी दी है जिसके बाद ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने बृहस्पतिवार को चेतावनी जारी की।

सैन्य कमान ने कहा, ‘‘हम मजबूत ईरान के दुश्मनों, खासकर अमेरिका, इजराइली शासन और क्षेत्रीय एवं क्षेत्र से बाहर के उनके सहयोगियों को चेतावनी देते हैं कि वे कोई गलत आकलन नहीं करें। हमारे प्रिय देश के खिलाफ किसी भी धमकी या हमले का ईरानी राष्ट्र के सशस्त्र बलों के जवान कड़ा और ऐसा जवाब देंगे, जिसका उन्हें पछतावा होगा।’’

ईरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार कार्यक्रम शनिवार से शुरू होंगे और उनकी पार्थिव देह को ईरान एवं पड़ोसी देश इराक के विभिन्न शहरों में ले जाया जाएगा। ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को नौ जुलाई 2026 को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

एपी सिम्मी वैभव

वैभव