इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ ‘अनगिनत’ अभियान चलाए : मोसाद के पूर्व प्रमुख

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इजराइल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ ‘अनगिनत’ अभियान चलाए : मोसाद के पूर्व प्रमुख

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  • Publish Date - August 30, 2022 / 04:32 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:38 PM IST

(हरिंदर मिश्रा)

यरुशलम, 30 अगस्त (भाषा) इजराइली जासूसी एजेंसी के पूर्व प्रमुख योस्सी कोहेन ने दावा किया है कि मोसाद ने उनके नेतृत्व में ईरान के महत्वकांक्षी परमाणु कार्यक्रम को असफल करने के लिए ‘अनगिनत अभियान’ चलाए जिनमें इस्लामिक गणराज्य के ‘केंद्र स्थल’ में चलाया गया अभियान भी शामिल है।

‘टाइम्स ऑफ इजराइल’अखबार के मुताबिक, पहली यहूदी कांग्रेस 1897 में आयोजित की गई और इसकी 125 वीं सालगिरह पर स्विट्जरलैंड में आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे कोहेन ने ईरान और विश्व शक्तियों के बीच उभरते परमाणु समझौते को भी आड़े हाथ लिया।

उन्होंने सोमवार को कहा, ‘‘ मोसाद निदेशक के तौर पर मेरे कार्यकाल के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ अनगिनत अभियानों को अंजाम दिया गया।’’

कोहेन ने जोर देकर कहा, ‘‘बहुत विस्तार में गए बिना, मैं कह सकता हूं कि मोसाद ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ कई सफल लड़ाई लड़ी।’’उन्होंने दावा किया, ‘‘हमने पुरी दुनिया और ईरानी सरजमीं भी पर कार्रवाई की यहां तक कि अयातुल्लाह के बेहद करीब भी।’’

ईरानी परमाणु कार्यक्रम संबंधी दस्तावेजों को छीनने के बहुचर्चित अभियान और तत्कालीन प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा विश्व समुदाय के समक्ष रखे गए सबूतों के बारे में 60 वर्षीय जासूसी संगठन के पूर्व प्रमुख कोहेन ने कहा कि यह ‘स्पष्ट सबूत’ है जो ईरानी सैन्य प्रतिष्ठान द्वारा उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर बोले जा रहे झूठ को उजागर करता है।

ईरान और विश्व शक्तियों के बीच चल रही परमाणु वार्ता के बारे में उन्होंने इजराइल के रुख को दोहराया कि ‘‘वह, जो भी किया जा सकता है, करेगा’’ ताकि समझौता होने पर भी ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका जा सके।

उन्होंने कहा, ‘‘ हम ऐसी सत्ता की उंगली परमाणु हथियार तक पहुंचने नहीं देंगे जो हमारे विनाश की बात करती है।’’

कोहेन ने रेखांकित किया,‘‘ईरान, इजराइल को घेरना चाहता है। वह दक्षिण में गाजा से उत्तर में लेबनान और सीरिया की ओर से इसे अंजाम देना चाहता है। वह हिज्बुल्ला, हमास और इस्लामिक जिहाद जैसे सशस्त्र आतंकवादी समूहों का वित्तपोषण कर रहा है प्रशिक्षण दे रहा हैं।’’

भाषा धीरज मनीषा

मनीषा