यरुशलम, 24 जून (एपी) संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियुक्त स्वतंत्र विशेषज्ञों के आयोग ने दावा किया है कि गाजा में इजराइल जान-बूझकर बच्चों को निशाना बना रहा है। उसने दोहराया कि इजराइल ने गाजा में नरसंहार किया है।
इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा गठित विशेषज्ञों के इस आयोग के ढाई साल के युद्ध के दौरान गाजा में नरसंहार करने के दावों का खंडन किया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के तहत काम करने वाले ‘कब्जा किये गए फलस्तीनी क्षेत्र पर स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच आयोग’ ने मंगलवार को अपनी रिपोर्ट में कहा कि अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2025 के बीच मारे गए फलस्तीनियों में से लगभग 30 प्रतिशत यानी करीब 20 हजार बच्चे थे। माना जा रहा है कि और भी बच्चे लापता हैं या बिना पहचान वाली कब्रों में दफन हैं।
इजराइल ने आम नागरिकों को जान-बूझकर निशाना बनाने से इनकार किया है और मानवाधिकार समूहों सहित उन आरोपों को खारिज किया है जिनमें कहा गया है कि उसने गाजा में नरसंहार किया है।
इजराइल के विदेश मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को ‘झूठा और मनगढ़ंत’ करार देते हुए कहा कि इसमें किए गए दावों की पुष्टि नहीं की गई है। मंत्रालय ने आयोग की आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘बुनियादी तौर पर ही दोषपूर्ण व्यवस्था है, जिसका मकसद सच का पता लगाने के बजाय इजराइल को निशाना बनाना और उसे बदनाम करना है।’’
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गाजा में बच्चों पर इस संघर्ष का जो असर पड़ा है, वह युद्ध अपराध और नरसंहार की श्रेणी में आता है। यह रिपोर्ट सितंबर में इजराइल पर लगाए गए आरोपों को ही आगे बढ़ाती है।
आयोग के अध्यक्ष श्रीनिवासन मुरलीधर ने कहा, ‘‘अक्टूबर 2025 में लागू संघर्ष-विराम के बाद भी बच्चे मारे जा रहे हैं और गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं, क्योंकि इजराइल संघर्ष-विराम और अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत फलस्तीनी बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी की लगातार अनदेखी कर रहा है।’’
एपी धीरज नरेश
नरेश