जयशंकर ने दक्षिण त्रिनिदाद में भारत की सहायता से निर्मित कृषि प्रसंस्करण केंद्र देश को सुपुर्द किया

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जयशंकर ने दक्षिण त्रिनिदाद में भारत की सहायता से निर्मित कृषि प्रसंस्करण केंद्र देश को सुपुर्द किया

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  • Publish Date - May 10, 2026 / 12:50 AM IST,
    Updated On - May 10, 2026 / 12:50 AM IST

पोर्ट ऑफ स्पेन, नौ मई (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर की उपस्थिति में दक्षिण त्रिनिदाद में भारत की सहायता से निर्मित एक कृषि-प्रसंस्करण केंद्र को देश के सुपुर्द किया।

जयशंकर जमैका, सूरीनाम और त्रिनिदाद और टोबैगो के अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में शुक्रवार को पारामारिबो से त्रिनिदाद और टोबैगो की राजधानी पोर्ट ऑफ स्पेन पहुंचे। इस दौरे का उद्देश्य कैरेबियाई देशों के साथ भारत के संबंधों को और मजबूत करना है।

जयशंकर ने शनिवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, ‘‘जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किए गए एक और वादे को पूरा करते हुए, दक्षिण त्रिनिदाद में प्रधानमंत्री कमला के साथ संयुक्त रूप से भारत की ‘सीड्स’ पहल के तहत संचालित एक कृषि-प्रसंस्करण केंद्र का कार्यभार सौंपा।’’

भारत की ‘सीड्स’ (लघु एवं मध्यम उद्यमों के कुशल विकास के लिए उपकरण आपूर्ति) पहल का उद्देश्य ‘ग्लोबल साउथ’ में सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना त्रिनिदाद और टोबैगो के ‘‘एसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी और इसके कृषि क्षेत्र को नयी गति प्रदान करेगी।’’

जयशंकर ने प्रधानमंत्री प्रसाद-बिसेसर के साथ नेल्सन द्वीप की यात्रा भी की, जहां गिरमिटिया सबसे पहले पहुंचे थे।

पहले भारतीय प्रवासी गिरमिटिया मजदूर 1845 में त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे थे।

उन्होंने नेल्सन द्वीप पर आयोजित ‘‘त्वरित प्रभाव परियोजना’’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री प्रसाद-बिसेसर के साथ हिस्सा लिया।

भाषा सुरभि संतोष

संतोष