(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, 14 मार्च (भाषा) नेपाल के विदेश मंत्री बालानंद शर्मा ने शनिवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच वहां रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार गंभीर और सतर्क है तथा कई नागरिकों को निकालने के लिए राहत उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
सरकार ने दो दिन पहले बताया था कि खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न देशों में लगभग 30 लाख नेपाली नागरिकों के रहने का अनुमान है। इसने साथ ही यह भी कहा था कि खाड़ी क्षेत्र से 5,000 से अधिक नेपाली नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए नेपाल सक्रिय रूप से बचाव अभियान चला रहा है।
शर्मा ने शनिवार को यहां ‘नॉन-रेजिडेंट नेपाली एसोसिएशन’ (एनआरएनए) की 12वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार हर नेपाली नागरिक की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है।
गौरतलब है कि 28 फरवरी से अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बड़े पैमाने पर संयुक्त हमले किए जाने तथा ईरान की जवाबी कार्रवाई के बाद युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया है।
विदेश मंत्री ने कहा कि संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में रह रहे नेपाली नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण को नेपाल सरकार सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए नेपाली नागरिकों की सुरक्षा तथा उनकी निकासी के प्रयासों के समन्वय हेतु एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आपात स्थिति में नेपाली नागरिकों की मदद के लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित देशों में स्थित नेपाली दूतावासों के समन्वय से राहत उड़ानें संचालित की जा रही हैं।
शर्मा ने कहा कि सरकार खाड़ी देशों में रह रहे नेपाली नागरिकों और नेपाल में उनके परिवारों के बीच संपर्क सेतु बनकर काम कर रही है।
उन्होंने कहा, “बढ़ती भू-राजनीतिक चुनौतियों के कारण मौजूदा समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है।”
एनआरएनए के संस्थापक अध्यक्ष उपेंद्र महतो ने कहा कि यदि विदेशों में रह रहे नेपाली और नेपाल में रहने वाले लोगों की आर्थिक गतिविधियों का समन्वय हो सके, तो नेपाल अगले दस वर्षों में 10 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था खड़ी कर सकता है।
भाषा रवि कांत नेत्रपाल
नेत्रपाल