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Middle East War Update: मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। Iran ने दुनिया के तीन अहम समुद्री मार्गों को बंद करने की चेतावनी देकर वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ईरान का कहना है कि यदि Strait of Hormuz में नाकेबंदी या दबाव की स्थिति जारी रहती है, तो वह बड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। यह जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल वैश्विक बाजार तक पहुंचता है।
ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह Red Sea, Gulf of Oman और Persian Gulf जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में समुद्री व्यापार को प्रभावित कर सकता है। इस चेतावनी के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि इन मार्गों के जरिए वैश्विक व्यापार और ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा संचालित होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका असर तेल की कीमतों, शिपिंग लागत और पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
बताते चलें कि, ईरान-अमेरिका सीजफायर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी की सख्ती के बाद Iran ने संपर्क साधा है और अब उसकी सरकार समझौते के लिए पहले से अधिक उत्सुक दिखाई दे रही है। ट्रंप के अनुसार, दोनों देशों के बीच हालिया बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ अहम बिंदुओं पर अब भी गतिरोध बना हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा ईरान का परमाणु कार्यक्रम है और अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति नहीं देगा।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ईरान समझौते की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाता है, तो कोई डील नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि युद्धविराम की निर्धारित अवधि समाप्त होने से पहले अगर कोई ठोस समझौता नहीं हुआ, तो ईरान के लिए हालात गंभीर हो सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका इस मामले में अकेला नहीं है, बल्कि कुछ अन्य देश भी इस कार्रवाई में सहयोग की पेशकश कर रहे हैं, जिससे दबाव और बढ़ सकता है।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिकी “डेडलाइन” भी चर्चा में है। ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश की गई, तो अमेरिकी बल समुद्र में ही जहाजों को नष्ट करने से पीछे नहीं हटेंगे। यह बयान क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि Strait of Hormuz वैश्विक तेल आपूर्ति का एक अहम मार्ग है।