मोदी ने ट्रंप के समक्ष नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

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मोदी ने ट्रंप के समक्ष नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया

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  • Publish Date - June 17, 2026 / 09:53 PM IST,
    Updated On - June 17, 2026 / 09:53 PM IST

(फोटो के साथ)

एवियॉन (फ्रांस), 17 जून (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत के दौरान समुद्री नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया और कहा कि अमेरिका तथा ईरान के बीच प्रस्तावित शांति समझौते में उनके संरक्षण के लिए प्रावधान होने चाहिए।

दोनों नेताओं ने पिछले एक साल में तनावपूर्ण रहे द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के लिए कदम उठाने की प्रतिबद्धता भी जताई।

दोनों नेताओं की यह मुलाकात फ्रांस के एक शहर में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब एक व्यापारिक जहाज पर अमेरिकी के सैन्य हमले में तीन भारतीय चालक दल के सदस्यों की मौत को लेकर भारत में आक्रोश बढ़ रहा था।

टेलीविज़न पर प्रसारित बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों के लिए ट्रंप की सराहना की और वैश्विक समुद्री क्षेत्रों में काम कर रहे लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।

प्रधानमंत्री ने आशा व्यक्त की कि ईरान के साथ होने वाले शांति समझौते में नाविकों की सुरक्षा के प्रावधान शामिल होंगे।

उन्होंने कहा, “श्रीमान राष्ट्रपति, आप और मैं इस बात पर सहमत हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत लगातार नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर देता रहा है और हमें इस पर मिलकर काम करना चाहिए।”

इसके बाद प्रधानमंत्री ने नाविकों की सुरक्षा के महत्व पर बल दिया।

उन्होंने कहा, “सैकड़ों हजारों भारतीय नाविक वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर काम कर रहे हैं और उनकी सुरक्षा हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपने ईरान के साथ इस समझौते को लेकर बहुत प्रयास किए हैं। मुझे विश्वास है कि इस समझौते के क्रियान्वयन में नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।”

अपने बयान में ट्रंप ने इस मुलाकात को “बहुत सार्थक” बताया और मोदी की प्रशंसा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने बिना कोई समयसीमा बताए कहा कि वह भारत की यात्रा करेंगे।

ट्रंप ने कहा, “लोग कहते हैं कि वह बहुत अच्छे व्यक्ति हैं। मैं कहता हूं कि वह बहुत, बहुत ज्यादा सख्त हैं। वह एक सख्त वार्ताकार हैं और उन्हें भारतीय लोगों से प्यार है, वह अमेरिका से भी प्यार करते हैं।”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को एक प्रमुख वैश्विक शक्ति बताया।

उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि जब तक वह (प्रधानमंत्री मोदी) नेता हैं, भारत हर चीज में बड़ी भूमिका निभाता है। भारत बड़ी भूमिका निभाने वाला है।”

इस सवाल पर कि क्या भारत की पश्चिम एशिया में भूमिका है, ट्रंप ने कहा कि जब तक वह राष्ट्रपति हैं, उनके रूप में अमेरिका में भारत का एक मित्र मौजूद है।

उन्होंने कहा, “जब तक मैं व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय) में हूं, भारत का अमेरिका में एक मित्र है।”

भारतीय नाविकों की मौत के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी है।

उन्होंने कहा, “मैंने इसके बारे में सुना है, यह एक जोखिमपूर्ण पेशा है, इसमें कोई शक नहीं है। हम साथ मिलकर काम करेंगे।”

एक अन्य सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि यदि भारत को सुरक्षा चुनौतियों या किसी हमले का सामना करना पड़े, तो अमेरिका समर्थन देगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर भी आशा जताई।

भारत-अमेरिका संबंध उस समय अधिक तनावपूर्ण हो गए थे जब अमेरिका ने भारत पर दंडात्मक शुल्क लगाए और राष्ट्रपति ट्रंप ने मई 2025 में भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष को कम करने में अपनी भूमिका को लेकर बयान दिए, जिन पर भारतीय अधिकारियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद के महीनों में अमेरिकी राष्ट्रपति ने बार-बार दावा किया कि उन्होंने दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष को समाप्त कराया और लाखों जानें बचाईं, जबकि भारत ने कहा कि संघर्ष विराम दोनों देशों के बीच बातचीत के आधार पर हुआ और इसमें अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी।

नयी अमेरिकी आव्रजन नीति और एच-1बी वीजा शुल्क बढ़ाने के फैसले से भी भारत-अमेरिका संबंधों तनावपूर्ण हुए।

हालांकि, दोनों पक्षों ने हाल के महीनों में संबंध सुधारने के प्रयास किए और जल्द ही एक पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को लेकर काम किया।

पिछले सप्ताह संबंधों में फिर तनाव आया जब ओमान के तट के पास व्यापारिक जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमलों में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई।

एच-1बी वीजा मुद्दे के कारण अमेरिका में भारतीय पेशेवरों को हो रहीं परेशानियों के बारे में पूछे जाने पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच रोजगार के क्षेत्र में बहुत अच्छा संबंध रहा है।

प्रधानमंत्री जी-7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस गए थे। सम्मेलन में भारत को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया गया था।

जी-7 समूह में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे दुनिया की सात सबसे विकसित अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इस समूह का सदस्य है।

जी-7 समूह के सदस्यों के लिए वैश्विक आर्थिक, वित्तीय और भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा एवं समन्वय करने का प्रमुख मंच है।

प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय स्लोवाकिया यात्रा पूरी करने के बाद फ्रांस के एवियॉन शहर पहुंचे थे।

भाषा जोहेब माधव

माधव