मोल्दोवा ने भारत के साथ सीधे संपर्क की संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव रखा: अधिकारी

मोल्दोवा ने भारत के साथ सीधे संपर्क की संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव रखा: अधिकारी

मोल्दोवा ने भारत के साथ सीधे संपर्क की संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव रखा: अधिकारी
Modified Date: July 20, 2026 / 09:54 pm IST
Published Date: July 20, 2026 9:54 pm IST

(अश्विनी श्रीवास्तव)

चिशिनाउ, 20 जुलाई (भाषा) मोल्दोवा जाने वाले भारतीयों की संख्या में बढ़ोतरी को देखते हुए एक वरिष्ठ राजनयिक ने सोमवार को कहा कि मोल्दोवा के अधिकारियों ने भारत के साथ सीधे संपर्क की संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव दिया है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मोल्दोवा की ऐतिहासिक राजकीय यात्रा के दौरान संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने कहा कि दुनिया की अधिकतर राजधानियां भारत के साथ किसी न किसी रूप में संपर्क व्यवस्था स्थापित करने की इच्छुक हैं।

‘पीटीआई-भाषा’ की ओर से पूछे गए एक सवाल के जवाब में जॉर्ज ने कहा, “मोल्दोवा की तरफ से भारत के साथ सीधे संपर्क की संभावनाएं तलाशने का प्रस्ताव आया है।”

उन्होंने कहा कि लोगों के बीच आपसी संपर्क बहुत महत्वपूर्ण है और दुनिया के इस हिस्से (मोल्दोवा) की यात्रा करने वाले भारतीयों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

जॉर्ज ने कहा कि मोल्दोवा में करीब 2,000 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं, इसलिए आम लोगों और सरकार, दोनों की ओर से किसी तरह की सीधी संपर्क व्यवस्था की मांग है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि यह कब संभव होगा, लेकिन यह निश्चित रूप से हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है।”

जॉर्ज ने कहा कि भारत और मोल्दोवा, दोनों देशों ने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का संकल्प लिया है।

उन्होंने कहा, “अभी व्यापार के आंकड़े बहुत कम हैं। इसके कई कारण हैं। दोनों देशों के प्रमुख उद्देश्यों और ठोस लक्ष्यों में से एक अगले कुछ वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना किया जाना भी है।”

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में भारत और मोल्दोवा के बीच द्विपक्षीय व्यापार 167.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर था।

मोल्दोवा पूर्वी यूरोप में 33,846 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला एक छोटा और चारों तरफ से जमीन से घिरा देश है, जो रणनीतिक रूप से पश्चिम में रोमानिया और उत्तर, पूर्व व दक्षिण में यूक्रेन के बीच स्थित है।

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल


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