खतरनाक रूप से लटकते बर्फ के विशाल टुकड़े के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वालों के इरादे मजबूत

Ads

खतरनाक रूप से लटकते बर्फ के विशाल टुकड़े के बावजूद माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वालों के इरादे मजबूत

  •  
  • Publish Date - May 7, 2026 / 05:00 PM IST,
    Updated On - May 7, 2026 / 05:00 PM IST

काठमांडू, सात मई (एपी) माउंट एवरेस्ट पर प्रमुख पर्वतारोहण मार्ग के ऊपर खतरनाक रूप से लटकता हुआ बर्फ का एक विशाल टुकड़ा, यात्रा की उच्च लागत और बढ़ी हुई परमिट फीस सैकड़ों पर्वतारोहियों को दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत पर चढ़ने का प्रयास करने से नहीं रोक पाई है।

लगभग 410 पर्वतारोही और उनके उतने ही नेपाली पर्वतारोहण गाइड लगभग 8,850 मीटर (लगभग 29,000 फुट) ऊंची चोटी पर चढ़ाई के लिए आधार शिविर में तैयारी कर रहे हैं ताकि वे इस महीने अनुकूल मौसम में अपनी यात्रा शुरू कर सकें।

पर्वतारोही पिछले महीने 5,300 मीटर (17,340 फुट) की ऊंचाई पर स्थित आधार शिविर में इकट्ठा होना शुरू हुए थे। हालांकि, दो सप्ताह से अधिक समय तक, बर्फ के एक विशाल और अस्थिर टुकड़े (सेराक) ने उन्हें शिखर पर आगे बढ़ने से रोक रखा था।

सागरमाथा प्रदूषण नियंत्रण समिति (एसपीसीसी) द्वारा तैनात किए गए विशिष्ट गाइड, जिन्हें ‘आइसफॉल डॉक्टर’ कहा जाता है, हर साल रस्सियां लगाकर और दर्रों के ऊपर एल्यूमीनियम की सीढ़ियां लगाकर पर्वतारोहण मार्ग को तैयार करते हैं और आमतौर पर अप्रैल के मध्य तक यह काम पूरा कर लेते हैं। हालांकि, इस साल ऐसा नहीं हो सका।

टीम ने मार्ग को 29 अप्रैल को खोला, लेकिन साथ ही चेतावनी भी जारी की, ‘‘सेराक में कई दरारें हैं और यह किसी भी समय ढह सकता है। एसपीसीसी सभी अभियान संचालकों और पर्वतारोहियों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह करता है।’’

पर्वतारोही, उनके गाइड और अभियान का सामान उपलब्ध कराने वाले सभी लोग पहाड़ पर मौजूद स्थिति को लेकर उत्सुक और सतर्क दोनों हैं।

प्रसिद्ध पर्वतारोही गाइड लुकास फुरटेनबाख, जिन्होंने माउंट एवरेस्ट पर 40 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोहियों को चढ़ाई कराई है, ने कहा कि वह चिंतित हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘जो भी यह कहता है कि उसे कोई चिंता नहीं है, वह या तो अनुभवहीन है या ध्यान नहीं दे रहा है। सेराक एक वास्तविक चिंता का विषय है।’’

एपी शफीक नरेश

नरेश