लंदन। कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण को लेकर उठाये गये कदमों के समन्वय की समीक्षा के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा गठित एक स्वतंत्र आयोग को संयुक्त राष्ट्र की किसी आंतरिक एजेंसी के दस्तावेज, सामग्री तथा जरूरी ईमेल पूरी तरह उपलब्ध होंगे। बृहस्पतिवार को जांच शुरू करते हुए आयोग ने यह बात कही।
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आयोग की सह-अध्यक्षों-लाइबेरिया की पूर्व राष्ट्रपति एलेन जॉनसन सरलीफ तथा न्यूजीलैंड की पूर्व प्रधानमंत्री हेलेन क्लार्क ने एक मीडिया ब्रीफिंग में आयोग के 11 अन्य सदस्यों के नाम की घोषणा की। इनमें डॉ जोनी लियु का नाम शामिल है जो पश्चिम अफ्रीका में 2014-16 में इबोला बीमारी के प्रकोप के दौरान ‘मेडेसिन्स सैन्स फ्रंटीयर्स’ का नेतृत्व करते हुए डब्ल्यूएचओ की मुखर आलोचक रही थीं।
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आयोग के सदस्यों में प्रतिष्ठित चीनी डॉक्टर झोंग ननशान का भी नाम है जिन्होंने सार्वजनिक रूप से सबसे पहले कोरोना वायरस के मनुष्यों के बीच संक्रमण की पुष्टि की थी। ‘ग्लोबल फंड टू फाइट एड्स, ट्यूबरकुलोसिस एंड मलेरिया’ की अगुवाई करने वाले मार्क डायबुल तथा ब्रिटेन के पूर्व विदेश मंत्री डेविड मिलबैंड के नाम भी सदस्यों में शामिल हैं। क्लार्क ने कहा कि उन्होंने और जॉनसन सरलीफ ने आयोग के सदस्यों का चुनाव पूरी स्वतंत्रता के साथ किया है और उनके चुनाव में डब्ल्यूएचओ का कोई हस्तक्षेप नहीं रहा।
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जॉनसन सरलीफ ने कहा, ‘‘हम इतिहास के इस अहम समय में मिलकर कड़ी मेहनत करने के लिए आशान्वित हैं। हमें संक्रमण के अब तक सामने आये 2.56 करोड़ से अधिक लोगों तथा संक्रमण से अब तक मारे गये 8,50,000 लोगों के प्रति सम्मान रखना चाहिए।’’ आयोग की पहली बैठक 17 सितंबर को प्रस्तावित है। उसकी बैठक अब से अप्रैल तक हर छह सप्ताह में एक बार होने की योजना है। आयोग डब्ल्यूएचओ को नवंबर में अपनी प्रारंभिक प्रगति के बारे में जानकारी दे सकता है और अंतिम रिपोर्ट अगले साल प्रस्तुत की जा सकती है।