(शिरीष बी प्रधान)
काठमांडू, दो जुलाई (भाषा) नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनका देश सभी मित्र देशों, विशेषकर पड़ोसी भारत और चीन के साथ संतुलित संबंध बनाए रखना चाहता है।
खनाल ने कहा कि नेपाल आर्थिक कूटनीति पर जोर देना चाहता है और राष्ट्रीय हितों पर आधारित नयी कूटनीतिक शैली अपनाने का इच्छुक है।
खनाल ने अपनी हालिया भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि इस यात्रा को ‘‘विशेष’’ कहा जा सकता है। खनाल की इस यात्रा से नेपाल में मार्च में नयी सरकार के गठन के बाद भारत के साथ उसका पहला उच्चस्तरीय आधिकारिक संपर्क हुआ।
भारत की पांच से सात जून तक की यात्रा के दौरान खनाल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक वार्ता की और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात की।
खनाल ने ‘नेशनल न्यूज एजेंसी ऑफ नेपाल’ से कहा, ‘‘हमने चर्चा के दौरान आर्थिक सहयोग को केंद्र में रखा। भारत की मेरी हालिया आधिकारिक यात्रा के परिणामस्वरूप द्विपक्षीय तंत्र सक्रिय और क्रियाशील हो गए हैं। इस यात्रा को विशेष कहा जा सकता है।’’
उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा के दौरान व्यापार, ऊर्जा, संपर्क, निवेश और सीमा प्रबंधन सहित अनेक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने पिछले कुछ वर्षों में उभरे सीमा संबंधी मुद्दों और गलतफहमियों के समाधान के लिए प्रतिबद्धता जताई है।
खनाल की नयी दिल्ली यात्रा ऐसे समय हुई थी, जब नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह द्वारा मई में भारत-नेपाल सीमा विवाद पर की गई टिप्पणी को लेकर विवाद जारी था। शाह ने मुद्दे के समाधान के लिए चीन और ब्रिटेन को शामिल करने का सुझाव दिया था, जिसे नयी दिल्ली ने स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा था कि इस मुद्दे के समाधान में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती।
भारत यात्रा के बाद खनाल 14 जून से चार दिन की यात्रा पर चीन गए, जहां उन्होंने अपने चीनी समकक्ष वांग यी और अन्य वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ व्यापक एवं गहन वार्ता की।
खनाल ने बृहस्पतिवार को कहा कि नेपाल की नयी सरकार सभी पड़ोसी देशों और विकास में सहयोगी देशों के साथ सौहार्दपूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण संबंध स्थापित करना चाहती है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम पड़ोसी भारत और चीन सहित सभी मित्र देशों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखने, आर्थिक कूटनीति पर जोर देने, राष्ट्रीय हितों पर आधारित नयी कूटनीतिक शैली अपनाने और सभी देशों के साथ स्वाभाविक संबंध बनाए रखने के लिए प्रयासरत हैं।’’
खनाल ने कहा, ‘‘हम प्रभावी आर्थिक कूटनीति के माध्यम से अधिक विदेशी निवेश आकर्षित करना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे, संपर्क, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा, व्यापार, निवेश, कृषि, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सूचना प्रौद्योगिकी तथा लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करने सहित अनेक विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि नेपाल विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का दायरा लगातार बढ़ा रहा है।
भाषा अमित नेत्रपाल
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