‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल में पहला आम चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न

Ads

‘जेन जेड’ के विरोध प्रदर्शनों के बाद नेपाल में पहला आम चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न

  •  
  • Publish Date - March 5, 2026 / 08:58 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 08:58 PM IST

(तस्वीर सहित)

काठमांडू, पांच मार्च (भाषा) नेपाल में छह महीने पहले हुए ‘जेन जेड’ विरोध प्रदर्शन के बाद पहला आम चुनाव बृहस्पतिवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया।

‘जेन जेड’ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली की सरकार गिर गयी थी। ‘जेन जेड’ पीढ़ी से तात्पर्य 1997 से 2012 के बीच पैदा हुए लोगों से है।

भारत इन चुनावों पर बारीकी से नजर रख रहा है और राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में स्थिर सरकार बनने की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।

अधिकारियों ने बताया कि सुबह सात बजे शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया।

चुनाव आयुक्त जानकी कुमारी तुलधर ने कहा कि शाम पांच बजे तक मतदान केंद्रों पर कतार में लगे मतदाताओं को भी अपना वोट डालने की अनुमति दी गई।

मतपेटियों को एकत्रित करने के तुरंत बाद मतगणना शुरू हो जाएगी।

पूर्व रैपर एवं काठमांडू से महापौर रहे बालेंद्र शाह के नेतृत्व में नवगठित राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) दो परंपरागत राजनीतिक दलों – नेपाली कांग्रेस पार्टी और नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) – के लिए कड़ी चुनौती पेश कर रही है।

वर्ष 2022 में गठित आरएसपी को चुनाव प्रचार के दौरान काफी समर्थन मिला और शाह को प्रधानमंत्री पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। दूसरी ओर, नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (यूएमएल) उस सरकार का हिस्सा थीं जो पिछले साल ‘जेन-जेड’ के विरोध-प्रदर्शनों के बाद गिर गई थी।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा अपनी पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं, जबकि सीपीएन (यूएमएल) ने ओली को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना चेहरा बनाया है।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, दोपहर तीन बजे तक लगभग 39 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का प्रयोग किया है।

इस आम चुनाव में 1.89 करोड़ से अधिक नेपाली मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। नेपाल की 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा की जिन 165 सीट के लिए प्रत्यक्ष मतदान होना है, उनके लिए 3,406 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनके अलावा 110 सीट पर अनुपातिक मतदान के जरिए चुनाव होना है जिनके लिए 3,135 उम्मीदवार मैदान में हैं।

‘काठमांडू पोस्ट’ के अनुसार, निर्वाचन आयुक्त सगुन शमशेर राणा ने बताया कि देश में कुछ स्थानों पर मामूली घटनाएं हुई हैं।

नेपाल पुलिस ने पुष्टि की कि कुछ स्थानों पर मामूली मतभेदों के अलावा, कोई गंभीर समस्या उत्पन्न नहीं हुई है।

इससे पहले दिन में, पुलिस प्रवक्ता अबी नारायण काफले ने कहा, ‘‘चुनाव के दौरान मामूली अप्रिय घटनाएं होने की आशंका है, लेकिन कोई बड़ी समस्या उत्पन्न नहीं हुई। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहे।’’

निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता नारायण प्रसाद भट्टराई ने कहा, ‘‘दक्षिणी मैदानी इलाकों, पहाड़ी क्षेत्र और पर्वतीय क्षेत्र सहित सभी निर्वाचन क्षेत्रों में सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘देशभर में चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में शुरू हुआ।’’

कार्यवाहक निर्वाचन आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने मतदान की पूर्व संध्या पर यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा था कि चुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय और उत्साहपूर्वक भाग लेने का आग्रह किया था।

कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने बृहस्पतिवार सुबह काठमांडू के बाहरी इलाके धापासी में काठमांडू-5 निर्वाचन क्षेत्र में वोट डाला।

नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष एवं प्रधानमंत्री पद के लिए पार्टी उम्मीदवार गगन थापा ने सुबह मैतिदेवी स्थित काठमांडू-4 निर्वाचन क्षेत्र से अपना वोट डाला।

राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के अध्यक्ष रवि लामिछाने ने काठमांडू के बाहरी इलाके चुचेपाटी में वोट डाला।

बालेंद्र शाह ‘बालेन’ ने काठमांडू के गैरेगांव से अपना वोट डाला। वह झापा-5 से चुनाव लड़ रहे हैं।

भ्रष्टाचार एवं भाई-भतीजावाद के खिलाफ और राजनीतिक नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव एवं सुशासन की मांग को लेकर ‘जेन जेड’ के युवाओं ने आठ और नौ सितंबर को विरोध प्रदर्शन किया था जिसके कारण नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के प्रमुख ओली अपदस्थ हो गए थे।

ओली के अपदस्थ होने के बाद नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने 12 सितंबर को प्रतिनिधि सभा को भंग कर दिया और सुशीला कार्की को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया था।

नेपाल ने चुनाव के लिए बुधवार से तीन दिन की छुट्टी घोषित की है।

निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, कुल 10,967 मतदान बूथ और 23,112 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव में 65 राजनीतिक दल भाग ले रहे हैं।

भाषा शफीक रंजन

रंजन