pm modi/ image source: IBC24
Congress on Iran vs Israel: नई दिल्ली: ईरान पर हुए हमले और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत की राजनीति में भी बयानबाज़ी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और चुप्पी को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि 28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया, उस समय शांति वार्ता चल रही थी। उनके मुताबिक यह हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ था, लेकिन भारत सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। खेड़ा ने कहा कि इतने बड़े वैश्विक घटनाक्रम के बाद भी प्रधानमंत्री की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया न आना कई सवाल खड़े करता है।
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि कांग्रेस हमेशा “वसुधैव कुटुम्बकम्” और “अतिथि देवो भवः” जैसी भारतीय परंपराओं की बात करती रही है। उन्होंने कहा कि ये विचार भारत की विदेश नीति की पहचान रहे हैं और कांग्रेस नेतृत्व ने भी हाल के वक्त में अपने बयानों और लेखों में इन मूल्यों का उल्लेख किया है। खेड़ा का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अक्सर इन सिद्धांतों का जिक्र करते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में उनकी विदेश नीति में इन आदर्शों की झलक नहीं दिखाई देती।
उन्होंने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में “मौनं स्वीकृति लक्षणम्” का अर्थ होता है कि मौन रहना कई बार सहमति का संकेत माना जाता है। खेड़ा ने दावा किया कि, प्रधानमंत्री के मौन में भी बहुत कुछ सुनाई दे रहा है, जिसे सुनकर पूरा विश्व हैरान है। आज प्रधानमंत्री की आपराधिक चुप्पी पूरे देश और उसकी विरासत पर बदनुमा दाग की तरह उभरकर सामने आ रही है। इस दौरान उन्होंने विवादित टिप्पणी करते हुए पीएम मोदी को विश्व चेला कहा।
खेड़ा ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी कंप्रोमाइज्ड हैं नरेंद्र मोदी एपस्टीन फाइल्स और अडानी केस के दबाव में हैं। अभी जो कुछ दिन पहले हुआ, वो किसी की भी समझ के परे है। इसके अलावा पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री के हालिया इजराइल दौरे को भी लेकर सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि युद्ध शुरू होने से कुछ समय पहले प्रधानमंत्री का इजराइल दौरा हुआ था और उसके कुछ ही समय बाद क्षेत्र में सैन्य कार्रवाई तेज हो गई। खेड़ा ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं की टाइमिंग ने कई तरह की अटकलों को जन्म दिया है और सरकार को इस पर स्पष्टता देनी चाहिए। हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।