न्यूजीलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध का प्रस्ताव

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न्यूजीलैंड में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध का प्रस्ताव

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  • Publish Date - August 24, 2026 / 01:45 PM IST,
    Updated On - August 24, 2026 / 01:45 PM IST

वेलिंगटन, 24 अगस्त (एपी) न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों द्वारा सोशल मीडिया मंचों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने वाला एक प्रस्तावित कानून पेश करते हुए कहा है कि इन मंचों से युवाओं की एक पूरी पीढ़ी को नुकसान पहुंच रहा है।

हालांकि, इस विधेयक को अभी कानून बनाने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं मिला है क्योंकि लक्सन की गठबंधन सरकार में शामिल तीन दलों में से दो ने इसके खिलाफ मतदान करने की बात कही है। इसे पारित कराने के लिए विपक्षी सांसदों के समर्थन की जरूरत होगी। उन्होंने अभी यह तय नहीं किया है कि वे इसके पक्ष में मतदान करेंगे या नहीं।

लक्सन ने कहा कि नवंबर में होने वाले चुनाव से पहले एक अक्टूबर को संसद भंग होनी है और उससे पहले सांसदों के पास इस प्रस्ताव पर मतदान के लिए पर्याप्त समय भी नहीं है। किसी विधेयक को कानून बनने से पहले आम तौर पर कई महीनों की अवधि में तीन चरणों में मतदान से गुजरना होता है।

लक्सन यदि दोबारा निर्वाचित होते हैं तो उनकी सरकार सोशल मीडिया मंचों के इस्तेमाल के लिए आयु संबंधी प्रतिबंध लागू करने वाले देशों की सूची में शामिल होना चाहती है। दुनिया के कई देश ऐसे उपाय लागू कर चुके हैं या उन पर विचार कर रहे हैं।

लक्सन ने कहा कि 2025 के एक अध्ययन के अनुसार न्यूजीलैंड में एक तिहाई किशोर प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘सोशल मीडिया उन्हें हानिकारक सामग्री, लत लगाने वाली प्रौद्योगिकी और ऐसे दबावों के संपर्क में ला रहा है जिनसे निपटने के लिए वे तैयार नहीं हैं। इसका असर उनके पारिवारिक जीवन, मानसिक स्वास्थ्य, नींद और शिक्षा पर पड़ रहा है।’’

लक्सन की पार्टी की ओर से सोमवार को उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित कानून के तहत इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया मंचों को यह सुनिश्चित करने के लिए ‘‘उचित कदम’’ उठाने होंगे कि उपयोगकर्ताओं की उम्र 16 साल से अधिक है।

इसके लिए मौजूदा खाते से जुड़ी जानकारी, चेहरे के आधार पर उम्र का अनुमान लगाने वाली प्रौद्योगिकी, डिजिटल पहचान सेवाओं और औपचारिक पहचान पत्रों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रस्तावित कानून के दायरे से व्हाट्सऐप जैसे संदेश भेजने वाले मंचों, रोब्लॉक्स जैसे ऑनलाइन गेमिंग मंचों और चैटजीपीटी, जेमिनी एवं कोपायलट जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) ऐप को बाहर रखा गया है।

इस प्रस्तावित कानून के तहत माता-पिता या बच्चों के लिए किसी दंड का प्रस्ताव नहीं है लेकिन अपनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं करने वाली प्रौद्योगिकी कंपनियों पर उनके वैश्विक राजस्व के 10 प्रतिशत तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

एपी सिम्मी मनीषा

मनीषा