पाकिस्तान मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूरी दी

पाकिस्तान मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूरी दी

पाकिस्तान मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को मंजूरी दी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:44 pm IST
Published Date: December 28, 2021 10:26 pm IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, 28 दिसंबर (भाषा) पाकिस्तान के मंत्रिमंडल ने मंगलवार को देश की पहली राष्ट्रीय सुरक्षा नीति (एनएसपी) पर मुहर लगायी जिसमें इस बात पर बल दिया गया है कि आर्थिक प्रगति राष्ट्रीय सुरक्षा के केंद्र में है।

वहीं, विपक्षी दलों ने इस कदम की यह कहते हुए आलोचना की है कि सरकार ने नयी नीति बनाने में संसद की अनदेखी की।

एक के बाद एक कई ट्वीट में राष्ट्रीय सुरक्षा सलहाकार मोईद युसूफ ने इसे देश के लिए ‘ऐतिहासिक पल’ करार दिया और कहा कि मंत्रिमंडल ने इस दस्तावेज को मंजूरी दी है जिसे उच्चाधिकार प्राप्त राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने सोमवार को स्वीकृति प्रदान की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘ यह वाकई एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, नागरिक केंद्रित समग्र राष्ट्रीय सुरक्षा नीति , जिसके मूल में आर्थिक सुरक्षा है, पर तत्परता से बढ़ा जाएगा। यह समग्र दस्तावेज आगे चलकर हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने में क्षेत्रगत नीतियों के मार्गदर्शन में मदद करेगा। ’’

युसूफ ने असैन्य एवं सैन्य नेतृत्व को नीति को तैयार करने में सहयोग करने एवं संबद्ध सूचनाएं प्रदान करने को लेकर धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानंमत्री के निरंतर नेतृत्व एवं प्रोत्साहन के बिना यह नहीं हो पाता।

उन्होंने कहा , ‘‘ इस नीति की सफलता उसके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी जिसके लिए एक योजना विकसित की गयी है । ’’ उन्होंने कहा कि एनएसपी का सार्वजनिक संस्करण प्रधानंमत्री बाद में अलग से जारी करेंगे।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर 2014 से ही काम चल रहा था और यह सभी फैसलों के केंद्र में होगी।

मंत्रिमंडल से मुहर लगने के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह भी कहा कि मुख्य दस्तावेज गोपनीय है। उन्होंने कहा कि उसमें अर्थव्यवस्था, खाद्य, पानी ,सैन्य सुरक्षा, आतंकवाद,जनसंख्या वृद्धि एवं बाहरी दुनिया से निपटने समेत पारंपरिक एवं गैर पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां शामिल हैं।

कल इस नीति को राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की 36 वीं बैठक में मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री इमरान खान ने की। इसमें ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के अध्यक्ष जनरल नदीम रजा और तीनों सेनाओं के प्रमुख शरीक हुए।

इस बीच विपक्ष ने सरकार पर इस नीति को बनाने में संसद की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता फरतुल्लाह बाबर ने कहा कि यह नीति समाज के व्यापक वर्गों की सहमति पर आधारित होनी चाहिए थी।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग -नवाज के नेता एवं पूर्व गृहमंत्री ने इस पर प्रतिवाद किया कि यह पहला एनएसपी है और कहा कि उनकी पार्टी ने 2013 में ही एनएसपी की घोषणा की थी।

भाषा राजकुमार पवनेश

पवनेश


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