पाकिस्तान के नेशनल असेंबली और चार प्रांतीय असेंबली के चुनाव के लिए बुधवार दिनभर हुई जमकर हिंसा के बीच मतदान हुआ। शाम के छह बजे के बाद मतगणना शुरू हुई, जो अब तक जारी है। मतगणना के शुरुआती रुझानों में नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन पिछड़ती लग रही है, जबकि पूर्व क्रिकेटर इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी बढ़त बनाए हुए है।
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पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) की ओर से प्रधानमंत्री पद का ख्वाब देखने वाले शहबाज शरीफ चुनाव हार गए हैं। वहीं, इस चुनाव में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरे पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के सह-अध्यक्ष बिलावल भुट्टो भी चुनाव हार चुके हैं। खैबर पख्तूनवा प्रांत से हारने के बाद शहबाज ने पाकिस्तान आम चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है और कहा कि मतगणना में गड़बड़ी की हुई है। शहबाज ने कहा कि हमारे कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया और हमारे पोलिंग एजेंट को बाहर निकाला गया।
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पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके शहबाज ने दावा किया था कि वह पाकिस्तान को मलेशिया और तुर्की के बराबर ले आएंगे। उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद तथा तुर्की के राष्ट्रपति रेचप तायिप एर्दोआन से मिल कर ‘उनसे सीखेंगे और पाकिस्तान को फिर से एक महान देश बनायेंगे.’ लेकिन इस हार के बाद उनकी सारी उम्मीदें धरे के धरे रह गए।
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शरीफ जून 2013 से जून 2018 तक पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री रहे. उन्हें मार्च में पीएमएल-एन का अध्यक्ष चुना गया था। इससे पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उनके बड़े भाई नवाज शरीफ पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अयोग्य करार दिये गए थे। इसके बाद शहबाज को पार्टी ने पीएम उम्मीदवार के रूप में प्रोजेक्ट किया था। उल्लेखनीय है कि नवाज शरीफ और उनकी बेटी मरियम को भ्रष्टाचार के मामले में एक अदालत ने क्रमश: 10 और 7 साल की सजा सुनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे और जुल्फिकार अली भुट्टो के पोते बिलावल भुट्टो भी चुनाव हार गए हैं। हालांकि, उनकी पार्टी पीपीपी (पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी) चुनावी समर में तीसरी सबसे बड़े पार्टी के रूप में उभर कर आई है।
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नेशनल असेंबली के 272 सीटों के 252 सीटों के मतगणना के अब तक मिले रुझान में पीटीआई के उम्मीदवार 103 सीटों पर आगे थे। पीएमएल-एन 59 और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी 34 सीटों पर आगे है। शुरुआती रुझान से लग रहा है कि किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलने पर पीपीपी किंगमेकर की भूमिका में होगी। 18 सीटों पर निर्दलीय बढ़त बनाए हुए हैं। धार्मिक पार्टियों के साथ गठबंधन से चुनाव लड़ने वाली मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल12 और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट 11 सीटों पर आगे है। नेशनल असेंबली में किसी पार्टी के सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत के लिए 137 सीटें जीतना होगा।
वेब डेस्क, IBC24