Pakistan Bullet Train Project: पाकिस्तान का नया दावा, ‘2030 तक हम भी चलाएंगे बुलेट ट्रेन’.. फ़िलहाल देश के पास नहीं है एक भी इलेक्ट्रिक रेल इंजन

हालांकि रेल पाकिस्तान के परिवहन बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है, फिर भी यह लंबे समय से कम निवेश, पुरानी प्रौद्योगिकी और लगातार देरी से ग्रस्त है।

Pakistan Bullet Train Project: पाकिस्तान का नया दावा, ‘2030 तक हम भी चलाएंगे बुलेट ट्रेन’.. फ़िलहाल देश के पास नहीं है एक भी इलेक्ट्रिक रेल इंजन

Pakistan Bullet Train Project || Image- en.wikipedia.org

Modified Date: August 25, 2025 / 01:05 pm IST
Published Date: August 25, 2025 1:04 pm IST
HIGHLIGHTS
  • पाकिस्तान की पहली बुलेट ट्रेन 2030 तक
  • चीन की मदद से बनेगी हाई-स्पीड रेल
  • लाहौर-कराची यात्रा घटकर 5 घंटे होगी

Pakistan Bullet Train Project: लाहौर: पाकिस्तान इन दिनों भले ही भारी महंगाई, बेरोजगारी, गरीबी, भूखमरी और सियासी संकट से जूझ रहा है लेकिन, भारत की बराबरी के फेर में मुल्क के सियासतदानों के ऐलान ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। तमाम समस्याओं के बाद पाकिस्तान कभी चाँद पर जाने का तो कभी दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनने का हास्यास्पद दावा करता रहता है। इस बीच पाकिस्तान के एक नए ऐलान ने विश्व जगत को फिर से हैरत में डाल दिया है।

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सीपीईसी का हिस्सा होगा बुलेट ट्रेन परियोजना

दरअसल पड़ोसी देश पाकिस्तान ने 2030 तक लाहौर और कराची के बीच हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन शुरू करने की योजना का ऐलान किया है। पाकिस्तान रेलवे का दावा है कि, इससे दोनों प्रांतीय राजधानियों के बीच यात्रा का समय 20 घंटे से घटकर केवल पांच घंटे रह जाएगा। सरकारी रेडियो पाकिस्तान के अनुसार, 1,215 किलोमीटर लंबी रेल लाइन व्यापक एमएल-1 (मुख्य लाइन 1) परियोजना का हिस्सा होगी – जो कराची-पेशावर रेलवे कॉरिडोर का 6.7 बिलियन डॉलर का उन्नयन है, जो चीन-पाकिस्तान आर्थिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का केंद्र है।

रेलमंत्री बोले, चीन करेगा मदद

Pakistan Bullet Train Project: रेल मंत्री हनीफ अब्बासी ने इस पहल के बारे में बताते हुए कहा कि नई बुलेट ट्रेनें 250 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलेंगी। इसके लिए हैदराबाद, मुल्तान और साहीवाल में प्रमुख स्टॉप की योजना बनाई गई है। यह परियोजना चीन के सहयोग से विकसित की जा रही है और इसके कार्यान्वयन में चीन रेलवे निर्माण निगम की महत्वपूर्ण भूमिका होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि, परियोजना के अंतर्गत उन्नयन में दोहरी पटरियां, पुनर्निर्मित पुल और अत्याधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली शामिल होगी।

तेज एवं अधिक कुशल यात्री यात्रा प्रदान करने के अलावा, हाई-स्पीड रेल लाइन से पाकिस्तान की माल ढुलाई क्षमता में भी वृद्धि होने की उम्मीद है, जिससे 2030 तक रेल की हिस्सेदारी 4% से बढ़कर 20% हो जाएगी। अधिकारियों को यह भी उम्मीद है कि इस परियोजना से निर्माण और परिचालन दोनों चरणों के दौरान हजारों नौकरियां पैदा होंगी। इसके अतिरिक्त, रेल परिवहन की ओर रुख करने से महंगे सड़क परिवहन पर पाकिस्तान की निर्भरता कम होने का अनुमान है, जिससे ईंधन आयात में अरबों डॉलर की बचत होने की संभावना है।

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Pakistan Bullet Train Project: हालांकि रेल पाकिस्तान के परिवहन बुनियादी ढांचे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना हुआ है, फिर भी यह लंबे समय से कम निवेश, पुरानी प्रौद्योगिकी और लगातार देरी से ग्रस्त है। पाकिस्तान रेलवे वर्तमान में 7,700 किलोमीटर से अधिक ट्रैक का संचालन करती है, लेकिन कुप्रबंधन के कारण उसे दीर्घकालिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।


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