ईरान समर्थित हूतियों से सऊदी अरब की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा पाकिस्तान : रक्षा मंत्री
ईरान समर्थित हूतियों से सऊदी अरब की रक्षा के लिए हरसंभव कदम उठाएगा पाकिस्तान : रक्षा मंत्री
रोम, 30 सितंबर (एपी) पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ ने मंगलवार को कहा कि उनका देश सऊदी अरब को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से बचाने के लिए ‘‘हर उपलब्ध साधन’’ का इस्तेमाल करेगा।
इसे अब तक के सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक माना जा रहा है कि इस्लामाबाद क्षेत्र में फैलते संघर्ष में सीधे शामिल हो सकता है।
रक्षा मंत्री ने यह बताने से इनकार किया कि क्या पाकिस्तानी बल पहले ही हवाई हमलों में शामिल हो चुके हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और तुर्किये के साथ हुए नए पारस्परिक रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान की सैन्य क्षमताएं सऊदी अरब के लिए उपलब्ध रहेंगी।
रोम की यात्रा के दौरान पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि क्या पाकिस्तान यमन में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हवाई हमलों में शामिल रहा है, तो आसिफ ने कहा, ‘‘मैं विस्तार में नहीं जाना चाहता, लेकिन जाहिर है कि जब मैं कहता हूं कि इस व्यवस्था के तहत हम सऊदी अरब की रक्षा करने के लिए बाध्य हैं, तो इसका मतलब है कि हमारे पास जो भी साधन उपलब्ध हैं, वे सऊदी अरब के लिए भी उपलब्ध होंगे। मुझे लगता है कि यह एक स्पष्ट बयान है।’’
उनके जवाब से हवाई हमलों में पाकिस्तान की भागीदारी की स्पष्ट पुष्टि नहीं हुई। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि क्या हाल के सप्ताहों में हूती विद्रोहियों के बार-बार हमलों का सामना कर रहे सऊदी अरब ने सहायता मांगी है।
आसिफ की यह टिप्पणी पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब के सेना प्रमुखों की रियाद में हुई बैठक के कुछ दिन बाद आई। बैठक में हूती हमलों से निपटने के उपायों पर चर्चा की गई थी।
आसिफ ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं तथा यमन के लाल सागर तट पर अपना नियंत्रण बढ़ाया है।
आसिफ ने हूतियों को हमलावर बताते हुए कहा कि सऊदी अरब के प्रति पाकिस्तान की प्रतिबद्धता स्पष्ट है।
उन्होंने कहा, ‘‘सऊदी अरब का कोई भी दुश्मन पाकिस्तान का दुश्मन है। यह बात बिल्कुल स्पष्ट होनी चाहिए।’’
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने सात अगस्त को मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत किसी एक सदस्य पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा। तीनों देशों ने इस समझौते को रक्षात्मक बताया है और कहा है कि यह किसी विशेष देश के खिलाफ नहीं है।
सऊदी अरब और हूतियों के बीच संघर्ष इस गठबंधन की शुरुआती परीक्षा बन गया है। समझौते का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और इसकी कमान तथा संचालन संबंधी व्यवस्थाएं अभी विकसित की जा रही हैं। आसिफ ने कहा कि तीनों देश एक सचिवालय स्थापित कर रहे हैं और गठबंधन की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अन्य देशों ने भी इसमें शामिल होने में रुचि दिखाई है, लेकिन फिलहाल गठबंधन के विस्तार की कोई योजना नहीं है।
ईरान लंबे समय से हूतियों को हथियार और अन्य सहायता मुहैया कराता रहा है, हालांकि तेहरान उनके सैन्य अभियानों को निर्देशित करने से इनकार करता है।
आसिफ ने संकेत दिया कि हूती और इराक के कुछ मिलिशिया समूह अब ईरान से काफी हद तक स्वतंत्र होकर कार्रवाई कर सकते हैं।
सऊदी अरब को सैन्य समर्थन देने की पाकिस्तान की तत्परता के बावजूद आसिफ ने कहा कि इस्लामाबाद ईरान से जुड़े व्यापक संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत पर भी जोर दे रहा है। पाकिस्तान तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत से हुए समझौते को फिर से बहाल करने का भी समर्थन करता है।
इस साल की शुरुआत में पाकिस्तान ने क्षेत्र के अन्य देशों के साथ मिलकर संघर्ष समाप्त कराने की कोशिश की थी और मध्यस्थ की भूमिका निभाने की पहल की थी।
एपी गोला शोभना
शोभना

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