पीओके चुनाव: दो पूर्व ‘प्रधानमंत्री’ हारे, पीएमएल-एन बनाएगी सरकार

पीओके चुनाव: दो पूर्व 'प्रधानमंत्री' हारे, पीएमएल-एन बनाएगी सरकार

पीओके चुनाव: दो पूर्व ‘प्रधानमंत्री’ हारे, पीएमएल-एन बनाएगी सरकार
Modified Date: August 11, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: August 11, 2026 7:55 pm IST

इस्लामाबाद, 11 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हुए चुनाव के तीसरे चरण में दो पूर्व तथाकथित प्रधानमंत्रियों को अपने गढ़ में हार का सामना करना पड़ा है। मंगलवार को जारी अनौपचारिक नतीजों से यह जानकारी मिली।

हिंसा और धांधली के आरोपों के बीच संपन्न हुए इन चुनावों में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के फैसल मुमताज राठौड़ अपनी सीट बचाने में सफल रहे, जो वर्तमान में इस क्षेत्र के शीर्ष नेता हैं।

अनौपचारिक परिणामों के अनुसार, पीपीपी ने दो सीट जीती हैं, जबकि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) और अवामी दस्त-ओ-बाजू पार्टी को एक-एक सीट मिली है।

सोमवार को समाप्त हुए तीसरे चरण में 11 में से चार निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के चलते बाकी सात सीट पर मतदान स्थगित कर दिया गया। पीओके की तथाकथित विधानसभा के पहले और दूसरे चरण के चुनाव क्रमशः 27 जुलाई और दो अगस्त को हुए थे, जिनमें बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे और धांधली के आरोप लगे थे।

स्थानीय निर्वाचन आयोग के अनुसार, शेष सीट पर 21 अगस्त को मतदान होने की संभावना है।

हारने वाले पूर्व नेताओं में पूर्व ‘‘प्रधानमंत्री’’ एवं मुस्लिम कांफ्रेंस के प्रमुख सरदार अतीक अहमद खान शामिल हैं, जिन्हें एलए-14 (पश्चिम बाग, धीरकोट) सीट पर अवामी दस्त-ओ-बाजू पार्टी के सरदार साजिद इकबाल ने हराया। वहीं एलए-15 (सेंट्रल बाग) सीट पीपीपी उम्मीदवार जिया कमर ने बरकरार रखी। उन्हें 16,637 वोट मिले और उन्होंने मामूली अंतर से पीएमएल-एन उम्मीदवार मुश्ताक मिन्हास को हराया, जिन्हें 15,015 वोट मिले।

इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी में शामिल हुए पूर्व ‘प्रधानमंत्री’ सरदार तनवीर इलियास को केवल कुछ हजार वोट ही मिल सके।

भारत का स्पष्ट और अडिग रुख है कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। नयी दिल्ली लगातार यह दोहराती रही है कि पाकिस्तान ने इन क्षेत्रों के एक हिस्से पर अवैध और जबरन कब्जा किया हुआ है।

पीओके की 53 सदस्यीय तथाकथित विधानसभा में से 45 सीट पर सीधे चुनाव होंगे, जबकि आठ सदस्य आरक्षित सीट पर चुने जाएंगे। पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान समर्थित पीएमएल-एन अब तक 25 सीट जीत गई और उसके सरकार बनाने की संभावना है। केंद्र में पीएमएल-एन की गठबंधन सहयोगी पीपीपी को 12 सीट मिली हैं। वहीं अवामी दस्त-ओ-बाजू पार्टी ने एक सीट पर जीत हासिल की है।

भाषा सुमित अमित

अमित


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