प्रतिद्वंद्वी दलों के मिलकर सरकार बनाने के फैसले को पीटीआई ने ‘जनादेश की चोरी’ करार दिया

प्रतिद्वंद्वी दलों के मिलकर सरकार बनाने के फैसले को पीटीआई ने ‘जनादेश की चोरी’ करार दिया

प्रतिद्वंद्वी दलों के मिलकर सरकार बनाने के फैसले को पीटीआई ने ‘जनादेश की चोरी’ करार दिया
Modified Date: February 21, 2024 / 08:51 pm IST
Published Date: February 21, 2024 8:51 pm IST

(एम. जुल्करनैन)

लाहौर/इस्लामाबाद, 21 फरवरी (भाषा) जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी ने गठबंधन सरकार बनाने के अपने दो कट्टर प्रतिद्वंद्वियों के प्रयासों को बुधवार को खारिज कर दिया और चेतावनी दी कि ‘‘जनादेश चोरों’’ द्वारा सरकार बनाना देश में सबसे खराब राजनीतिक अस्थिरता साबित होगा।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के बीच सरकार गठन को लेकर समझौता हो गया है।

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने मंगलवार देर रात एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ (72) प्रधानमंत्री पद संभालेंगे, वहीं पीपीपी के सह-अध्यक्ष आसिफ जरदारी (68) दूसरी बार देश के राष्ट्रपति बनेंगे।

बिलावल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ पीपीपी और पीएमएल-एन के पास पर्याप्त संख्या बल है और (अब) हम सरकार बनाने की स्थिति में हैं।’’

खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने इस राजनीतिक घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि वह ‘‘जनादेश चोरों’’ द्वारा सरकार गठन के प्रयास की कड़ी निंदा करती है।

पीटीआई ने एक्स पर अपना आधिकारिक बयान साझा करते हुए कहा, ‘‘जनता के जनादेश को लूटकर देश को गुलाम बनाने से सबसे खराब राजनीतिक अस्थिरता पैदा होगी।’’

इसने कहा, ‘‘इमरान खान को अन्यायपूर्ण तरीके से जेल में डालने, चुनाव चिह्न छीनने और प्रचार की इजाजत न दिए जाने के बावजूद जनता ने तहरीक-ए-इंसाफ को 180 सीटों का स्पष्ट बहुमत दिया है।’’

पार्टी ने कहा, ‘‘जनादेश का सम्मान करें।’’

भाषा शफीक माधव

माधव


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