रूस और अमेरिका ने परमाणु हथियारों पर चर्चा की, वार्ता जल्द शुरू करने पर बनी सहमति : क्रेमलिन

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रूस और अमेरिका ने परमाणु हथियारों पर चर्चा की, वार्ता जल्द शुरू करने पर बनी सहमति : क्रेमलिन

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  • Publish Date - February 6, 2026 / 08:01 PM IST,
    Updated On - February 6, 2026 / 08:01 PM IST

मॉस्को, छह फरवरी (एपी) रूसी राष्ट्रपति कार्यालय क्रेमलिन ने शुक्रवार को कहा कि रूस और अमेरिका के वार्ताकारों ने दोनों देशों के बीच शेष परमाणु हथियार नियंत्रण संधि की अवधि समाप्त होने पर चर्चा की और नयी हथियार नियंत्रण वार्ता को शीघ्र शुरू करने की आवश्यकता पर सहमति जताई।

‘न्यू स्टार्ट’ संधि बृहस्पतिवार को समाप्त हो गई। इस तरह, आधी सदी से अधिक समय में पहली बार दुनिया के दो सबसे बड़े परमाणु हथियार भंडार रखने वाले देशों पर कोई सीमा नहीं रह गई है, जिससे बिना नियंत्रण के परमाणु हथियारों की दौड़ शुरू होने की आशंका बढ़ गई है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को पत्रकारों को बताया कि रूसी और अमेरिकी वार्ताकारों ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में इस मुद्दे पर चर्चा की, जहां रूसी, यूक्रेनी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडलों ने यूक्रेन में शांति समझौते पर दो दिनों तक बातचीत की।

पेस्कोव ने कहा, ‘‘एक सहमति बनी है, और उन्होंने आबू धाबी में इस बारे में बात भी की कि दोनों पक्ष जिम्मेदाराना रुख अपनाएंगे और दोनों देश इस मुद्दे पर जल्द से जल्द बातचीत शुरू करने की आवश्यकता को समझते हैं।’’

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि यदि वॉशिंगटन भी सहमत हो तो रूस एक वर्ष तक और संधि की सीमाओं का पालन करने के लिए तैयार है। हालांकि, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव को नजरअंदाज किया और कहा कि वह चीन को भी किसी नयी संधि में शामिल करना चाहते हैं, हालांकि इसे बीजिंग पहले ही खारिज कर चुका है।

ट्रंप ने बृहस्पतिवार को अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, ‘‘न्यू स्टार्ट (अमेरिका द्वारा खराब तरीके से की गई संधि, जिसका गंभीर उल्लंघन किया जा रहा है) को बढ़ाने के बजाय हमें अपने परमाणु विशेषज्ञों को एक नयी, बेहतर और आधुनिक संधि पर काम करने देना चाहिए, जो लंबे समय तक टिक सके।’’

‘एक्सियोस’ की उस रिपोर्ट पर टिप्पणी करने के लिए कहे जाने पर, जिसमें दावा किया गया था कि रूसी और अमेरिकी वार्ताकारों ने कम से कम छह महीने तक समझौते की सीमाओं का पालन करने के लिए एक संभावित अनौपचारिक समझौते पर चर्चा की थी, पेस्कोव ने जवाब दिया कि ऐसा कोई भी विस्तार केवल औपचारिक हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘स्पष्ट रूप से इसके प्रावधानों को केवल औपचारिक रूप से ही बढ़ाया जा सकता है। किसी भी अनौपचारिक विस्तार की कल्पना नहीं की जा सकती।’’

पेस्कोव ने बृहस्पतिवार को कहा था कि मॉस्को संधि की अवधि खत्म होने को ‘‘नकारात्मक’’ रूप से देखता है और इस पर खेद व्यक्त करता है। साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘यदि हमें रचनात्मक प्रतिक्रियाएं मिलती हैं, तो हम निश्चित रूप से बातचीत करेंगे।’’

इस बीच, न्यू स्टार्ट संधि की अवधि समाप्त होने के बावजूद, अमेरिका और रूस ने बृहस्पतिवार को उच्चस्तरीय सैन्य संवाद दोबारा शुरू करने पर सहमति जताई।

यूरोप में अमेरिकी सैन्य कमान ने बताया कि यह सहमति अबू धाबी में दोनों देशों के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के बाद बनी। यह संवाद 2021 में उस समय निलंबित कर दिया गया था, जब फरवरी 2022 में यूक्रेन में रूसी सैनिकों की तैनाती से पहले मॉस्को और वॉशिंगटन के संबंधों में भारी तनाव आ गया था।

वर्ष 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनके रूसी समकक्ष दिमित्री मेदवेदेव द्वारा हस्ताक्षरित न्यू स्टार्ट संधि, 1972 में ‘साल्ट आई’ से शुरू हुई थी। यह मॉस्को और वाशिंगटन के बीच, अपने-अपने परमाणु हथियारों को सीमित करने के लिए हुए समझौतों की लंबी श्रृंखला में शेष अंतिम संधि थी।

‘न्यू स्टार्ट’ संधि के तहत दोनों देश तैनात एवं उपयोग के लिए तैयार रखी गई अधिकतम 700 मिसाइल और बमवर्षक विमानों पर 1,500 से अधिक परमाणु आयुध नहीं रख सकते।

इसकी अवधि 2021 में समाप्त होने वाली थी लेकिन इसे पांच साल के लिए विस्तारित कर दिया गया था।

एपी सुभाष नरेश

नरेश