रूस के उपप्रधानमंत्री ने हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने पर जोर दिया

रूस के उपप्रधानमंत्री ने हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने पर जोर दिया

रूस के उपप्रधानमंत्री ने हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने पर जोर दिया
Modified Date: August 9, 2026 / 09:10 pm IST
Published Date: August 9, 2026 9:10 pm IST

मॉस्को, नौ अगस्त (भाषा) रूस के उपप्रधानमंत्री मरात खुसनुलिन ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और बॉस्फोरस जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रूप से संवेदनशील समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करने के लिए रूस को हिंद महासागर तक रेल मार्ग बनाने की जरूरत है।

खुसनुलिन की यह टिप्पणी पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध की पृष्ठभूमि में आई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम जलमार्ग है, जिससे सामान्य दिनों में वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लगभग पांचवें हिस्से का परिवहन होता है।

खुसनुलिन ने बृहस्पतिवार को रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘टीएएसएस’ से बातचीत में कहा, “हिंद महासागर तक रेल संपर्क की संभावना भी तलाशी जानी चाहिए। बॉस्फोरस और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के कारण तुर्कमेनिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने वाले वैकल्पिक रास्तों की जरूरत पड़ सकती है। भारत तक पहुंच प्रदान करने वाला कोई भी विकल्प स्वीकार्य है।”

होर्मुज जलडमरूमध्य जहां फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ता है। वहीं, बॉस्पोरस जलडमरूमध्य काला सागर को मारमारा सागर से जोड़ने वाला अहम जलमार्ग है। बॉस्पोरस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण रखने वाले तुर्किये ने कहा है कि बढ़ती चिंताओं के बावजूद यह जहाजों की आवाजाही के लिए खुला हुआ है।

यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब रूस के ऊर्जा निर्यात को लेकर पश्चिमी देशों का दबाव बढ़ रहा है। अमेरिकी सीनेट ने 29 जुलाई को एक विधेयक आगे बढ़ाया है, जिसके तहत भारत समेत उन देशों पर भारी शुल्क (टैरिफ) लगाने का प्रावधान है, जो रूस से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदना जारी रखते हैं।

संबंधित प्रस्ताव के व्यापक भू-राजनीतिक निहितार्थ भी हो सकते हैं, क्योंकि इसके ईरान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से होकर गुजरने तथा रूस को हिंद महासागर तक जमीन के रास्ते एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग प्रदान करने की संभावना है।

भाषा पारुल नरेश

नरेश


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