यूरोप में भीषण गर्मी का प्रकोप, लंदन से मिलान तक स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी

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यूरोप में भीषण गर्मी का प्रकोप, लंदन से मिलान तक स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी जारी

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  • Publish Date - June 24, 2026 / 04:21 PM IST,
    Updated On - June 24, 2026 / 04:21 PM IST

लंदन, 24 जून (एपी) पश्चिमी यूरोप में भीषण गर्मी का दौर जारी रहने के बीच ब्रिटेन में लोगों को चेतावनी दी गई है कि बुधवार को तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है और इससे जान का जोखिम भी पैदा हो सकता है।

मध्य और दक्षिणी इंग्लैंड के अधिकतर हिस्सों तथा वेल्स के लिए जारी ‘रेड हीट हेल्थ’ अलर्ट ब्रिटेन के अधिकारियों द्वारा अब तक जारी की गई दूसरी ऐसी चेतावनी है। इससे पहले जुलाई 2022 में ऐसा अलर्ट जारी किया गया था, जब देश में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया था।

फ्रांस, इटली और स्पेन के अधिकारियों ने भी भीषण गर्मी के खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। इन देशों में करोड़ों लोगों को अत्यधिक तापमान से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों और संभावित जोखिमों के प्रति सतर्क रहने को कहा गया है।

ब्रिटेन जून महीने के अब तक के सबसे अधिक तापमान का सामना कर रहा है। मौसम विभाग ने दक्षिणी इंग्लैंड में तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान जताया है। मंगलवार को लंदन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित विस्ली में तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस साल के सबसे गर्म दिनों में से एक रहा।

ब्रिटेन के मौसम विभाग के उप मुख्य पूर्वानुमान विज्ञानी मार्क सिडअवे ने कहा, ‘‘रेड अलर्ट केवल सबसे गंभीर परिस्थितियों में जारी किया जाता है। हमें उम्मीद है कि इस भीषण गर्मी के प्रभाव बेहद गंभीर और व्यापक होंगे। इसके कारण बड़ी संख्या में लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, यहां तक कि उन लोगों पर भी जो सामान्य तौर पर गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील नहीं माने जाते।’’

भीषण गर्मी के कारण इंग्लैंड के कुछ स्कूलों को बंद कर दिया गया है, जबकि कई ट्रेन सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि ‘रेड अलर्ट’ वाले क्षेत्रों में केवल अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करें और गैर-जरूरी यात्राओं से बचें।

फ्रांस में मंगलवार को जून महीने का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के चलते एफिल टॉवर और लूव्र म्यूजियम में घूमने के समय को सीमित कर दिया गया, जबकि कई स्कूलों की गतिविधियां और सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

इटली के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को 16 शहरों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया, जिसमें रोम, मिलान, फ्लोरेंस और ट्यूरिन जैसे बड़े शहर शामिल हैं। ‘बोलिनो रोसो’ (रेड अलर्ट) आपातकालीन स्थिति का संकेत देता है, जो न केवल कमजोर लोगों को, बल्कि स्वस्थ वयस्कों को भी प्रभावित कर सकता है।

फ्लोरेंस में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और मिलान में 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि रोम और नेपल्स में तापमान 36 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने का अनुमान है।

एपी आशीष नेत्रपाल

नेत्रपाल