Mobile Banned in Schools || image- file photo
Mobile Banned in Schools: सियोल: दक्षिण कोरिया ने बुधवार को देशभर के स्कूलों में मोबाइल फोन और दूसरे डिजिटल उपकरणों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने से जुड़ा एक विधेयक पारित किया है। पिछले कुछ समय से युवाओं में सोशल मीडिया का काफी ज्यादा उपयोग सरकार के लिए चिंता का विषय बन गया था।
मीडिया सूत्रों की मानें तो यह प्रतिबंध अगले वर्ष मार्च से प्रभावी होगा। इससे दक्षिण कोरिया नाबालिगों के बीच स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने वाला सबसे नया देश बन जाएगा। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने भी हाल ही में स्कूली बच्चों और नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध की मियाद को बढ़ा दिया था।
मोबाईल के उपयोग को लेकर किये गए सर्वेक्षणों से पता चलता है कि दक्षिण कोरिया दुनिया के सबसे अधिक डिजिटल रूप से जुड़े देशों में से एक है। 99% दक्षिण कोरियाई पूरी तरह ऑनलाइन हैं और 98% के पास स्मार्टफोन है। अमेरिका स्थित प्यू रिसर्च सेंटर ने बताया है कि, यह 2022 और 2023 में जांचे गए 27 देशों में सबसे अधिक दर है।
South Korea passed a bill to ban the use of mobile phones and other digital devices in school classrooms. The nationwide ban will take effect starting in March 2026 https://t.co/77J7RDukow pic.twitter.com/RK9JGtaJpw
— Reuters (@Reuters) August 28, 2025
Mobile Banned in Schools: दूसरी तरफ मोबाईल फोन पर प्रतिबंध लगाने वाले विधेयक को बुधवार को संसदीय मतदान में दोनों दलों का समर्थन प्राप्त हुआ है। इस कानून पर विपक्षी पीपुल्स पावर पार्टी के सांसद और विधेयक के प्रायोजक चो जंग-हुन ने कहा, “हमारे युवाओं की सोशल मीडिया की लत अब गंभीर स्तर पर पहुंच गई है।” चो ने संसद को बताया, “हमारे बच्चों की आंखें हर सुबह लाल होती हैं। वे रात के 2 या 3 बजे तक इंस्टाग्राम पर लगे रहते हैं।”
पिछले वर्ष शिक्षा मंत्रालय द्वारा किए गए एक सर्वेक्षण में 37% मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों का कहना है कि सोशल मीडिया उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करता है, जबकि 22% छात्र अपने सोशल मीडिया अकाउंट तक पहुंच न होने पर चिंतित महसूस करते हैं। दक्षिण कोरिया के कई स्कूलों में पहले से ही स्मार्टफोन के उपयोग के लिए अपने प्रतिबंध हैं, जिन्हें अब इस विधेयक द्वारा औपचारिक रूप दिया गया है। विकलांग विद्यार्थियों या शैक्षिक उद्देश्यों के लिए डिजिटल उपकरणों की अनुमति अभी भी रहेगी। वही इससे अलग कुछ समूहों ने दवा किया है कि, स्मार्टफोन पर प्रतिबंध बच्चों के मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा।