कोलंबो, छह जुलाई (भाषा) श्रीलंका के न्याय मंत्री ने पश्चिमी तटीय शहर नेगोम्बो की जेल में हुई हिंसक झड़पों की सोमवार को जिम्मेदारी ली। इस बीच, अधिकारियों ने बताया कि घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है।
क्षमता से अधिक कैदियों वाली इस जेल में रविवार को कैदियों के दो गुटों के बीच झड़प हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को जब उपद्रवी कैदियों ने जेल के हथियारों पर कब्जा कर लिया तो फिर से हिंसा भड़क गई।
अधिकारियों ने बताया कि जेल के भीतर हुई झड़पों और उसके बाद भड़की हिंसा में सात जेल अधिकारियों सहित 26 लोगों की मौत हो गई, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
न्याय मंत्री हर्षणा नानायक्कारा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह मेरे अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला संस्थान है; इसलिए मैं जिम्मेदारी लेता हूं। सात जेल अधिकारियों और उन्नीस कैदियों की मौत हुई है।’’
उन्होंने कहा कि स्थिति पर काबू पा लिया गया है, लेकिन इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।
अधिकारियों ने बताया कि झड़पें शुरू होने के समय जेल में लगभग 1,800 कैदी मौजूद थे।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आयी है कि यह हिंसा कथित तौर पर जेल के भीतर मादक पदार्थों की तस्करी का समर्थन करने वाले गुट और उसका विरोध करने वाले गुट के बीच हुई।
पुलिस ने बताया कि स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है तथा पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) और दंगा नियंत्रण इकाइयों को तैनात किया गया है।
पुलिस ने बताया कि झड़पों के बाद व्यवस्था बहाल करने और हिंसा रोकने के प्रयासों के तहत सोमवार को तीन कैदियों को पल्लानसेना जेल शिविर में स्थानांतरित किया गया।
जेल विभाग के प्रवक्ता ए.सी. गजनायके ने बताया कि घटना की एक विशेष जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जेल के महाआयुक्त के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले की अलग से पुलिस जांच भी जारी है।
घटना के संबंध में रविवार को मजिस्ट्रेट स्तर की जांच भी की गई।
भाषा अमित माधव
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