भारत, अमेरिका के बीच मजबूत संबंध चीन, रूस जैसे शत्रुओं को कड़ा संदेश देंगे: अमेरिकी सांसद

भारत, अमेरिका के बीच मजबूत संबंध चीन, रूस जैसे शत्रुओं को कड़ा संदेश देंगे: अमेरिकी सांसद

भारत, अमेरिका के बीच मजबूत संबंध चीन, रूस जैसे शत्रुओं को कड़ा संदेश देंगे: अमेरिकी सांसद
Modified Date: November 29, 2022 / 07:58 pm IST
Published Date: October 30, 2020 10:59 am IST

(ललित के झा)

वाशिंगटन, 30 अक्टूबर (भाषा) रिपब्लिकन पार्टी के एक प्रभावशाली सांसद ने हाल में संपन्न हुई ‘टू प्लस टू’ वार्ता के दौरान भारत के साथ रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध मजबूत करने से चीन और रूस जैसे ‘‘शत्रुओं’’ को स्पष्ट संदेश जाएगा।

सीनेटर केविन क्रेमर ने कहा, ‘‘अमेरिका और भारत के बीच संबंधों को मजबूत करने से दोनों देश अधिक सुरक्षित बनेंगे और इससे चीन एवं रूस जैसे शत्रुओं को स्पष्ट संदेश मिलेगा। मैं इस रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रपति ट्रंप की विदेश नीति टीम द्वारा की गई प्रगति से प्रोत्साहित हूं।’’

क्रेमर ने कहा, ‘‘भारत के साथ मजबूत संबंध आर्थिक अवसरों के नए द्वार भी खोलते हैं।’’

दिल्ली में भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को संपन्न हुई ‘टू प्लस टू’ वार्ता में दोनों देशों ने अपने समग्र सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने का संकल्प लिया और कुल पांच समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें ‘बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट‘ (बीईसीए) प्रमुख है। इस करार के तहत अत्याधुनिक सैन्य प्रौद्योगिकी, उपग्रह के गोपनीय डेटा और दोनों देशों की सेनाओं के बीच अहम सूचना साझा करने की अनुमति दी जाएगी।

इसके अलावा परमाणु ऊर्जा, पृथ्वी विज्ञान और आयुर्वेद के क्षेत्रों में सहयोग के लिए भी समझौते हुए।

इस बार ‘टू प्लस टू’ वार्ता के तीसरे संस्करण में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तथा अमेरिका की तरफ से वहां के विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने हिस्सा लिया था।

भाषा सिम्मी मनीषा

मनीषा


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