शीर्ष अदालत ने इमरान खान को अस्पताल भेजने के आदेश पर सरकार की पुनर्विचार याचिका लौटाई

शीर्ष अदालत ने इमरान खान को अस्पताल भेजने के आदेश पर सरकार की पुनर्विचार याचिका लौटाई

शीर्ष अदालत ने इमरान खान को अस्पताल भेजने के आदेश पर सरकार की पुनर्विचार याचिका लौटाई
Modified Date: August 20, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: August 20, 2026 7:51 pm IST

इस्लामाबाद/लाहौर, 20 अगस्त (भाषा) पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को इलाज के लिए निजी अस्पताल भेजने के अपने आदेश में संशोधन के अनुरोध वाली सरकार की पुनर्विचार याचिका बृहस्पतिवार को लौटा दी।

शीर्ष अदालत ने मंगलवार को निर्देश दिया था कि पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के 73 वर्षीय संस्थापक को “अगले दो दिन के भीतर” इस्लामाबाद के ‘शिफा इंटरनेशनल अस्पताल’ ले जाया जाए और 16 सितंबर के लिए निर्धारित अगली सुनवाई तक उन्हें वहीं रखा जाए।

सरकार ने पहले कहा था कि वह अदालत के आदेश को लागू करेगी, लेकिन बाद में शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर आदेश पर पुनर्विचार और उसे वापस लेने का अनुरोध किया।

खबरों के अनुसार, अदालत के रजिस्ट्रार कार्यालय ने कागजात का पूरा संकलन नहीं होने का हवाला देते हुए सरकार की याचिका लौटा दी। सूत्रों ने बताया कि सरकार खामियों को दूर करने और जरूरी बदलाव करने के बाद नयी याचिका दायर कर सकती है।

हालांकि, ‘पीटीआई’ के महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि आपत्तियां उठाए जाने के बाद सरकार ने पुनर्विचार याचिका वापस ले ली।

उन्होंने कहा, “18 अगस्त के उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन न करने का कोई बहाना नहीं है। इमरान खान साहब को तत्काल शिफा इंटरनेशनल अस्पताल ले जाया जाना चाहिए। आज ही वह दिन है।”

न्यायमूर्ति शाहिद वहीद की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अंतरिम निर्देश जारी किए थे और खान को अस्पताल भेजने की समयसीमा बृहस्पतिवार आधी रात को समाप्त हो जाएगी।

खान की पार्टी ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें बृहस्पतिवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया तो वह शुक्रवार को सरकार के खिलाफ अदालत की अवमानना की याचिका दायर करेगी।

यह चेतावनी शीर्ष अदालत द्वारा सरकार की पुनर्विचार याचिका लौटाए जाने के कुछ घंटे बाद दी गई।

अदालत का यह आदेश खान के परिवार और समर्थकों की ओर से कई महीनों से उनकी सेहत को लेकर जताई जा रही चिंता और उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं दिए जाने के बार-बार लगाए गए आरोपों के बाद आया था।

खान के मामले में उनकी आंख की बीमारी प्रमुख चिंताओं में से एक रही है। पूर्व क्रिकेटर से राजनेता बने खान को दाहिनी आंख की केंद्रीय रेटिनल शिरा में रक्त प्रवाह बाधित होने की बीमारी का पता जनवरी के अंत में चलने के बाद पिछले कुछ महीनों में कई बार इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया था।

इसके बाद से उन्हें निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की मांग तेज हो गई। उनके रिश्तेदारों और पार्टी सहयोगियों ने बार-बार मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाया है और अधिकारियों पर उन्हें पर्याप्त चिकित्सा सुविधा, परिवार से मुलाकात और कानूनी सलाहकारों तक पहुंच सीमित करने का आरोप लगाया है।

भाषा खारी नरेश

नरेश


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